ठंड में पशुओं की बीमारी से परेशान हुए पशुपालक
संवाद न्यूज एजेंसी
एकौना। पचलड़ी स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में दो दिन से ताला लटक रहा है। ठंड में बीमार पशुओं का इलाज कराने अस्पताल पहुंच रहे पशुपालक गेट पर ताला बंद देख कर लौट रहे हैं। इमरजेंसी में उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
दोआबा के 52 गांवों में पशुओं का उपचार पचलड़ी में पशु चिकित्सालय के भरोसे चलता है। एक साल से चिकित्सक नहीं होने की दशा में फार्मासिस्ट ही पशुओं का उपचार करते थे। फार्मासिस्ट का भी तबादला होने के बाद अब पशुपालकों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
गांव के गुड्डू सिंह ने कहा कि उनकी गाय को सीमेन दिलवाना था, दो दिनों से चिकित्सालय बन्द होने के कारण लौटना पड़ रहा है। रामा प्रसाद ने कहा कि तीन बकरियां बीमारी के कारण मर चुकी हैं। अभी दो और बीमार हैं। अस्पताल बंद होने से पशुओं के जीवन पर संकट आ गया है।
राजनाथ साहनी ने कहा कि आपस में लड़ने से उनके भैंस की सींग टूट गई। निजी अस्पताल में महंगा इलाज कराना पड़ा। हालांकि, सुधार नहीं हो रहा। पिड़रा गांव के अभिषेक यादव ने कहा कि उनके पालतू कुत्ते को लकवा मार दिया है। राजकीय पशु चिकित्सालय पचलड़ी भगवान भरोसे चल रहा है।
इस संबंध में जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अरविंद कुमार वैश्य ने कहा कि वर्तमान में राजकीय पशु चिकित्सालय पचलड़ी में चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। दो दिन से चिकित्सालय बंद है तो यह गंभीर बात है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।