खासमखास जुमा की नमाज के बाद तेज हो जाएंगी ईद की तैयारियां
शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में सज गई हैं रंग-बिरंगी सेवईं की दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विभिन्न मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज अदा करेंगे। आखिरी जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन बृहस्पतिवार को अपनी तैयारियों में जुटा रहा। डीजीपी प्रशांत कुमार ने पांच अप्रैल को अलविदा की नमाज कड़ी सुरक्षा घेरे में कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को सभी मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज पढ़ी जाएगी। अलविदा नमाज के पांचवें दिन ईद की नमाज पड़ सकती है। इसके चलते रोजेदार और मुस्लिम समाज के लोग ईद की तैयारी भी कर रहे हैं। शहर के तहसील रोड, अबूबकर नगर, बांस देवरिया और न्यू काॅलोनी समेत मुस्लिम बहुल इलाकों में सेवइयों की दुकानें सज गई हैं।
पेश इमाम हाफिज मोहम्मद इरफान खान ने बताया कि यूं तो हर जुमा खास होता है। लेकिन अलविदा जुमा खासमखास होता है। इस जुमे की नमाज मुकद्दस रमजान की विदाई का सूचक माना जाता है। मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे की नमाज पढ़ते ही रोजे के समाप्ति की ओर पहुंचने की सूचना मिल जाती है। हजरत मोहम्मद इरशाद फरमाते हैं कि हर जुमा छोटी ईद है। जुमा के रोज मस्जिदों में नमाज पढ़ने से अल्लाह ताला बहुत खुश होता है। अलविदा जुमा मस्जिद में नमाज पढ़ने, कुरानख्वानी करने के 70 हजार गुना फायदे मिलते हैं।
बृहस्पतिवार को शहर के अंजुमन इस्लामियां सहित प्रमुख मस्जिदों के अलावा को रामपुर कारखाना बड़ी मस्जिद, बौली वार्ड मस्जिद, मदीना मस्जिद, मस्जिद-ए-अक्सा सहित कोटवा, मथुरा छापर, डुमरी, गौरा, देसही वरवां, बैजनाथपुर, देवरिया बुद्धू खां, शामपुर, कौलाछापर आदि मस्जिदों में टेंट और जेनरेटर, पंखे का इंतजाम किया गया।
ईद की तैयारी और खरीदारी हुई तेज
अलविदा जुमे की नमाज के पांचवें या छठवें दिन ही ईद-उल-फितर की नमाज पड़ेगी। इसके चलते रोजेदार ईद की तैयारी में जुटे हुए हैं। महिलाएं और बच्चे खुशियों का पर्व ईद उल फितर मनाने के लिए खरीदारी में जुटे हुए हैं। रेडीमेड कपड़े, कॉस्मेटिक और सेवई की दुकान पर शाम होते ही खरीदारों की लाइन लग जा रही है। शहर के रामलीला मैदान रूट पर तो खरीदारों की भीड़ के चलते हर समय जाम की स्थिति बन रही है।
सड़क व रास्तों पर नमाज अदा करने पर होगी पांबदी
अंजुमन इस्लामिया के सदर मो. जलालुद्दीन खां ने बताया कि कानून व्यवस्था का पालन करना हमारा कर्तव्य है। रोजेदार अलविदा और ईद की नमाज अदा करते समय नियमों का कानूनी नियमों का पालन अवश्य करें। ईदगाह व मस्जिदों की हद में ही इसे अदा करें। सड़क पर या सड़क के किनारों पर नमाज अदा न करें।
कोट
अलविदा की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन कड़ी चौकसी बरत रहा है। मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफाॅर्म पर मानीटरिंग बढ़ाई गई है। सभी मस्जिदों के अलावा विशेष स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
-संजय रेड़्डी, सीओ सिटी