स्वामियों को प्लॉट आवंटन निरस्त करने का डीएम ने नोटिस देने का दिया निर्देश
जिलाधिकारी ने किया मिनी इंडस्ट्रियल इस्टेट, पथरदेवा का निरीक्षण
देवरिया। उद्योग व व्यापार को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन हर तरह से प्रयास कर रहा है। डीएम ने बुधवार को पथरदेवा स्थित मिनी इंडस्ट्रियल इस्टेट का निरीक्षण किया। उन्होंने उद्योग न लगाने वाले 42 इंडस्ट्रियल प्लॉटों के स्वामियों का आवंटन निरस्त करने का नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जो भी उद्यमी भूमि का आवंटन कराकर उद्योग नहीं स्थापित कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 1990 में स्थापित पथरदेवा औद्योगिक आस्थान में कुल 44 फैक्ट्री/कारखाने स्थापित करने के लिए 18 उद्यमियों को प्लॉटों का आवंटन किया गया था। लेकिन वर्तमान समय तक महज दो औद्योगिक केंद्र ही स्थापित हुए हैं और वे भी बुधवार के निरीक्षण के दौरान बंद मिले। डीएम ने कहा कि जिस उद्देश्य से प्लॉटों का आवंटन किया गया था, वह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसी स्थिति में मिनी इंडस्ट्रियल इस्टेट में उद्योग नहीं लगाने वाले 42 प्लॉटों के भू-स्वामियों को आवंटन निरस्त करने का नोटिस दिया जाएगा। ये प्लॉट नए निवेशकों को उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि क्षेत्र और जनपद में उद्योग को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आगे भी इस तरह कार्रवाई करेगा।
पथरदेवा औद्योगिक आस्थान में 2.33 करोड़ से होंगे विकासात्मक कार्य
डीएम ने बताया कि प्रदेश सरकार जनपद की औद्योगिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में 2.33 करोड रुपये की लागत से औद्योगिक आस्थान पथरदेवा में विकासात्मक कार्य कराए जाएंगे, जिसमें औद्योगिक आस्थान की बाउंड्री, नाली निर्माण, सड़क निर्माण व प्रकाश व्यवस्था शामिल है। उन्होंने बताया कि बुनियादी सुविधाओं का प्रशासन पूरा ध्यान रख रहा है, ताकि उद्यमियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए। डीएम के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन भी मौजूद थे।