वहीं परसियां-विशुनपुर देवार के दो दर्जन टोले बाढ़ से घिरे हुए हैं, जबकि भदिला प्रथम और गोरखपुर जनपद का कोलखास गांव टापू बना हुआ है। नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
13 बाढ़ चौकियों को किया गया अलर्ट
सरयू में उफान से नदी खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर प्रवाहित हो रही है। नदी के उग्र तेवर को देख प्रशासन सक्रिय है। एसडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि 13 बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर चौकसी बढ़ा दी गई है। जबकि तहसीलदार अश्वनी कुमार और नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह को निगरानी आदि की जिम्मेदारी दी गई है। बाढ़ के पानी से घिरे लोगों के आवागमन के लिए परसियां-विशुनपुर देवार में 13, भदिला प्रथम में चार और देवरहा बाबा आश्रम के निकट दो नावें लगाई गई हैं।
अधिकारियों ने बंधों का किया निरीक्षण, जाना हाल
बाढ़ खंड विभाग के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने जेई नागेंद्र सिंह सहित अन्य सहयोगियों के साथ मंगलवार को बंधों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कटइलवा-कपरवार संगम तट तक बने नवीन बांध, महेन, मोहरा आदि जगहों पर बने बंधों की स्थिति का जायजा लिया। सहायक अभियंता ने बताया कि नेपाल और उत्तराखंड के सात लाख क्यूसेक पानी को लखीमपुर बैराज के रास्ते छोड़ा गया है। जिससे नदी के जलस्तर में बढ़त दर्ज की गई है। नदी के अभी और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल हालत सामान्य है।