जेल में बंद आरोपी ने फोन पर दी थी जमीन खाली करने की धमकी
सलेमपुर। भाजपा बूथ अध्यक्ष को धमकी देने के मामले में पुलिस ने आरोपी सतीश सिंह समेत आठ लोगों पर केस दर्ज किया है। इस मामले में आरोपी का सहयोग करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के हडुआ उर्फ औरंगाबाद गांव निवासी गोरख प्रसाद, भाजपा के बूथ अध्यक्ष हैं। आरोप है कि 18 फरवरी की रात करीब नौ बजे सतीश सिंह ने फोन कर गोरख प्रसाद को जमीन खाली करने की धमकी दी थी। ऐसा नहीं करने पर उन्हें और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने सतीश सिंह, कस्बा सलेमपुर गांव निवासी प्रदीप गुप्ता, तेज प्रताप समेत पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शुक्रवार की भोर में कस्बा सलेमपुर गांव निवासी प्रदीप गुप्ता को पुलिस रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
सूत्रों की मानें तो प्रदीप गुप्ता और सतीश सिंह की पिछले हफ्ते लगातार बात होती रही है। पुलिस कई बिंदुओं पर प्रदीप से पूछताछ कर रही है। कोतवाल गोपाल पांडेय ने बताया कि मुकदमे में शामिल प्रदीप गुप्ता को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है, कि जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
आधा दर्जन से अधिक जगहों पर प्रदीप ने खरीदी है विवादित जमीन
सलेमपुर। भाजपा बूथ अध्यक्ष को धमकी देने के आरोपी प्रदीप गुप्ता ने क्षेत्र में तकरीबन आधा दर्जन से अधिक जगहों पर विवादित जमीन खरीदी है। जिस जमीन के मामले में भाजपा के बूथ अध्यक्ष को धमकाया गया है, वह महाजन शैक्षणिक सेवा संस्थान के नाम से अंकित है, जिसका प्रबंधक प्रदीप गुप्ता है। लेकिन मौके पर स्कूल और जमीन दोनों का पता नहीं है। सिर्फ कागज में ही स्कूल और जमीन दिखाई दे रहे हैं। इसकी पैमाइश नायब तहसीलदार डॉ. भागीरथी सिंह की देखरेख में की जा चुकी है। इसी तरह नगर के भठवा धर्मपुर वार्ड, बेलपार, पिपरा नाजिर समेत कई जगहों पर विवादित जमीन उसने खरीदी है। खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव प्रसाद ने बताया कि महाजन शिक्षण सेवा संस्थान नाम से सलेमपुर में कोई स्कूल नहीं है। अगर फ्रॉड कर कागज में दिखाया गया है तो इसकी जांच कराकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
सलेमपुर में है सतीश सिंह का खौफ
सलेमपुर। सतीश सिंह का सलेमपुर में इतना खौफ है कि यहां के वीआईपी किस्म के कुछ लोग उसे महीने के तौर पर पैसा भेजते हैं। अगर कोई समय से पैसा नहीं पहुंचाता है तो निश्चित उन लोगों के पास फोन आ जाता है। लेकिन डर के मारे कोई कुछ कहने से परहेज करते हैं।