जिले के अधिकांश सीएचसी, पीएचसी के बाहर चल रहे अवैध केंद्र
जिले में संचालित हो रहे करीब 125 अल्ट्रासाउंड केंद्र, रजिस्ट्रेशन सिर्फ 47 का
देवरिया। शहर के अलावा सीएचसी, पीएचसी के ईद-गिर्द अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भरमार है। डॉक्टरों और दलालों की साठगांठ से ये सेंटर धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे हैं। उधर, कई शिकायतें मिलने के बावजूद जिम्मेदार इनके खिलाफ कार्रवाई से मुंह फेरे हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब 125 अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें सीएमओ कार्यालय में सिर्फ 47 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का पंजीकरण है। जबकि शहर में ही 50 से अधिक सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें 32 का पंजीकरण कराया गया है। बाकी गली-मोहल्लों में अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं।
पथरदेवा, बघौचघाट, गौरीबाजार, रुद्रपुर, बरहज, सलेमपुर, लार, भागलपुर, भाटपाररानी, बखरा, रामपुर कारखाना, भटनी चौराहों पर अवैध अल्ट्रासांउड सेंटर बोर्ड लगाकर संचालित किए जा रहे हैं। बोर्ड पर न तो किसी रेडियोलाजिस्ट का नाम है और न ही पंजीकरण संख्या दर्ज की गई है। इन अवैध सेंटरों पर रोक के लिए सीएमओ कार्यालय में एक नोडल अफसर की तैनाती हुई है। लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सूत्रों ने अनुसार, रुद्रपुर के खजुआ चौराहे के पास दो, पश्चिमी बाइपास पर एक, बस स्टेशन के पास एक अवैध सेंटर संचालित हो रहा है। टीम यहां पर कभी जांच करने जाती भी है तो संचालकों को पहले ही सूचना मिल जाती है और वे सेंटर बंद कर फरार हो जाते हैं।
कार्रवाई नाम की, सील सेंटर कुछ दिनों में फिर होने लगता है संचालित
लार सीएचसी के पास पिपरा चौराहे पर अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहा था, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह महीने पहले सील कर दिया था, कुछ दिन बाद ही सील खोलकर सेंटर फिर से संचालित किया जाने लगा। भाटपाररानी सीएचसी गेट के पास संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर को कुछ माह पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया था। करीब दो माह बाद सेंटर का संचालन पुन: शुरू हो गया। अस्पताल गेट पर होने की वजह से डॉक्टरों की तालमेल से यह सेंटर हमेशा गुलजार रहता है।
छापा पड़ने से पहले मिल जाती है सूचना
भाटपाररानी के दुर्गा रोड पर एक कटरे में अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन होता है। इसे भी कुछ माह पहले सीज किया गया था, जो इन दिनों संचालित हो रहा है। सूत्रों की माने तो एक डॉक्टर का इस सेंटर पर आना-जाना रहता है। इसके चलते छापेमारी से पहले संचालक को सूचना मिल जाती है।
एक महीने पहले की शिकायत पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई
दिग्विजय नाथ चौबे ने शहर व रुद्रपुर के अवैध रूप से संचालित चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों की शिकायत सीएमओ से की है। एक महीने पहले की गई शिकायत की जांच अभी तक नहीं शुरू की गई है। नोडल अफसर और बाबू का तर्क है कि समयाभाव के कारण अभी तक जांच नहीं शुरू की गई है। सीएमओ से इसकी शिकायत दोबारा की गई, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
शिकायत मिली है। जल्द जांच कर अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समयाभाव और विभागीय कार्यों के दबाव के चलते अभियान नहीं चल पा रहा है। किसी भी अवैध अल्ट्रा साउंड सेंटर संचालकों को शह नहीं दिया जाता है। जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाती है। -डॉ. केके पांडेय, नोडल अधिकारी व एसीएमओ