बंद मिला केंद्र, मानदेय रोका
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने किया आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण
शहर में मुंशी गोरखनाथ टोला वार्ड में बाल विकास परियोजना द्वारा संचालित छह केंद्रों का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के मुंशी गोरखनाथ टोला वार्ड में बालक विकास परियोजना के तहत संचालित छह केंद्रों का बृहस्पतिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय ने निरीक्षण किया। इसमें एक केंद्र बंद मिला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा दो सहायिका अनुपस्थित मिलीं। अन्य पांच केंद्र संचालित पाए गए। अनुपस्थित आंगनबाड़ी व सहायिका का इस माह का मानदेय रोकने के निर्देश दिए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेनू देवी तथा सहायिका पानमती देवी तथा दूजा देवी अनुपस्थित पाई गईं। रेनू देवी का केंद्र बंद पाया गया। कमलावती देवी, इंदू तिवारी, पूनम जायसवाल, इंदू देवी, जरीना खातून आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा केंद्र पर उपस्थित रहकर संचालन किया जा रहा था। इनकी सहायिकाएं क्रमश: सोनमती देवी, मोती पांडेय, जुमरातन, बेचना देवी केंद्र पर उपस्थित थीं और सहयोग कर रही थीं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जरीना खातून के केंद्र पर बच्चों की संख्या बहुत कम थी। सहायिका बेचना देवी से बच्चों की पहचान कराई गई, जिससे पता चला कि वे बच्चों व उनके परिवार को नहीं जानती हैं। इससे परिलक्षित हुआ कि सहायिका को न तो बच्चों के बारे में पता है और न ही वे उनके घर के बारे में जानती हैं जो उनका मुख्य कार्य है। निर्देश दिए गया कि प्रत्येक दिन केंद्र संचालन के समय सहायिका सर्वे क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चों को केंद्र पर लाने का कार्य करें।
इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। संचालित केंद्रों पर बच्चों के कम होने व साफ-सफाई न मिलने पर फटकार लगाई गई। बच्चों की संख्या को बढ़ाने तथा केंद्र पर साफ-सफाई रखकर केंद्र संचालन कराने के निर्देश दिए गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि शहर परियोजना में नियमित निरीक्षण किया जाएगा। भविष्य में केंद्र संचालन न करने वाली व लापरवाह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।