जिला कारागार के विचाराधीन बंदी की जिला अस्पताल में मौत
गैरइरादतन हत्या के मामले में ढाई साल से बंद था रामउग्रह मौर्य
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला कारागार के विचाराधीन बंदी की जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह मौत हो गई। ठंड की वजह से सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उसको जिला अस्पताल भेजा। वहां, उसकी मौत हो गई। वह गैरइरादतन हत्या के मामले में बंद था।
गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमैल का रामउग्रह मौर्या (38) ढाई साल से जिला कारागार में बंद था। वह टीबी का मरीज था। सुबह बैरक में बैठा था। इसी बीच अचानक ठंड लगने के कारण वह कांपने लगा। सूचना मिलने पर जेल प्रशासन ने उसे कारागार के अस्पताल में डॉक्टरों से दिखाया। वहां हालत गंभीर देखकर उसे जिला अस्पताल में भेज दिया गया। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
बंदी गांव के ही एक हरिजन विद्यालय में तैनात शिक्षक मोतीचंद की हत्या के मामले में 20 मई 2020 से जेल में बंद था। शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने गैरइरादतन हत्या और एससी-एसटी मामले में केस दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार किया था। जेल अधीक्षक भोलानाथ मिश्र ने बताया कि बंदी टीबी का मरीज था। कारागार से इलाज के लिए जिला अस्पताल हमेशा जाता रहता था। सुबह के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था।