देवरिया। गोरखपुर में पुनर्मूल्यांकन को लेकर आंदोलित छात्रों के समर्थन समेत कई मांगों को लेकर संत विनोबा पीजी कॉलेज और बीआरडीपीजी कॉलेज के छात्रनेताओं ने दुकानों को बंद करने का प्रयास किया। छात्रों ने सपा नेता के चश्मे की दुकान में तोड़फोड़ की और ठेले से फल भी उठा ले गए। इस दौरान छात्रों की पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिस ने लाठियां पटक कर उन्हें खदेड़ा। कई छात्रों को हल्की चोटें आईं हैं। पुलिस ने दो छात्रनेताओं को हिरासत में लिया। छात्रनेताओं ने कहा कि शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठियां भांजी जो सपा सरकार की मंशा उजागर कर रही है। बीआरडीपीजी कॉलेज के अध्यक्ष मनोज यादव, संत विनोबा पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष अंशु पांडेय और महामंत्री आशीष शुक्ल की अगुवाई में छात्र सड़क पर उतर आए। छात्रों का गुट मालवीय रोड पर पहुंचकर दुकानों को बंद कराने लगा। इसके पहले छात्रनेताओं ने राजकीय इंटर कॉलेज, बीआरडीपीजी कॉलेज, संत विनोबा पीजी कॉलेज आदि बंद कराया। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन विरोधी और पुलिस विरोधी नारे लगा रहे थे। कुछ छात्रनेता डीएम आवास के सामने एक सपा नेता के चश्मे की दुकान में घुसकर तोड़फोड़ करने लगे। इससे कई चश्मा टूट गया। सुभाष चौक के समीप छात्रों ने फल के ठेले से फल भी उठा लिया और पुलिस वालों पर फेंकना शुरू कर दिए। मालवीय रोड पर छात्रों की पुलिस से झड़प हुई। पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू की, जिसमें छात्रसंघ महामंत्री आशीष शुक्ल, सुनील यादव, अभय शुक्ल को हल्की चोटें आईं। पुलिस ने छात्रनेता आशीष शुक्ल समेत दो छात्रों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के तेवर देख छात्र भाग खड़े हुए। प्रदर्शन में सुनील यादव, सुधांशु मिश्र, वेदप्रकाश, जयप्रकाश, पिंकल, राजेंद्र यादव, सत्यम, रामजी गिरी समेत तमाम छात्रनेता मौजूद रहे। उधर, लाठी चार्ज की घटना की छात्रों ने निंदा की।