रामपुर कारखाना के मुजहना में शौचालय में चल रही दुकान।
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बरियारपुर। तमाम कोशिशों के बावजूद गांवों में स्वच्छ भारत मिशन परवान नहीं चढ़ पा रहा है। आधा अधूरा निर्माण होने के कारण गांवों में बने शौचालय हाथी का सफेद दांत साबित हो रहा है। ओडीएफ गांव में एक शख्स शौचालय में दुकान खोलकर जीवन की गाड़ी खींच रहा है। कागजों में अफसर रामपुर कारखाना ब्लॉक के 62 गांवों को ओडीएफ कर दिए हैं, जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। अधिकांश गांवों में अभी भी आधे अधूरे शौचालय का निर्माण हो सका है। इसकी वजह से गांवों को शौच मुक्त बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। लगड़ा ग्राम पंचायत के मुजहना घाट टोले में निर्माण कराए गए शौचालयों का छत नहीं लगा है और न ही गड्ढे खोदे गए हैं। केवल खानापूर्ति कर शौचालय का ढांचा खड़ा कर दिया गया है। वहीं गुद्दीजोर महुआपाटन, कुशहरी, मुजहना लाला, नौतन, किशुनपाली, सोहनीपार गांवों का यही हाल है। इसके चलते गांव वाले आज भी खुले में शौच जाने को विवश हैं। कागजों में शौचालय का निर्माण दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है। मुजहना घाट गांव में बने शौचालय भवन में एक बेरोजगार दुकान चला रहा है। दुकानदार की मानें तो सात माह पूर्व शौचालय का निर्माण हुआ था। आधा अधूरा निर्माण होने के कारण लाभार्थी ने तीन माह से उसमें दुकान खोल लिया। वीडियो आलोकदत्त उपाध्याय ने बताया कि शौचालय में दुकान खोलने का मामला संज्ञान में नहीं है। प्रधान और सचिव से जवाब-तलब किया जाएगा।