देवरिया। पिपरपाती गांव में दलित दंपती की गला दबाकर हत्या का मामला तूल पकड़ने लगा है। बुधवार की सुबह दलित बस्ती के लोग भड़क उठे। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब 8.30 बजे सैकड़ों की संख्या में लोग चकियवां ढाले पर आ गए। ट्रैक पर खड़े होकर 9.17 बजे छपरा इंटरसिटी ट्रेन को रोक दिया। इंटरसिटी ढाले के पूरब तरफ खड़ी रही तो गोरखपुर से आने वाली मालगाड़ी पश्चिम तरफ। दलित बस्ती के लोगों में पुलिस के खिलाफ बेहद नाराजगी थी। उनका आरोप था कि दलितों पर अत्याचार करने वालों को पुलिस संरक्षण दे रही है। करीब दो घंटे तक रेलवे लाइन पर हंगामा होता रहा। इस दौरान कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। इंटरसिटी में सवार यात्री हलकान हो गए। देवरिया आने वाले यात्री पैदल ही गंतव्य के लिए चल पड़े। सबसे अधिक परेशानी मरीज यात्रियों को हुई। प्रदर्शनकारियों का मान-मनौव्वल करने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। करीब 10.30 बजे पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को मनाने में कामयाब हुए। पिपरपाती गांव के 50 वर्षीय सत्यनारायण और 46 वर्षीय पत्नी शांति देवी की सोमवार की रात गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार की सुबह अचानक मामले ने तूल पकड़ लिया। पिपरपाती गांव के दलित बस्ती के लोग चकियवां ढाले पर आ गए। जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। सुबह के वक्त छपरा से गोरखपुर की तरफ जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन में दैनिक यात्रियों की भीड़ रहती है, इसलिए प्रदर्शनकारियों ने इस ट्रेन को रोक दी। रेलवे लाइन पर लोगों के प्रदर्शन करने से सुरक्षा की दृष्टि से फाटक भी गिरा दिया गया था। इससे सड़क पर भी वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सीओ सिटी अजय सिंह और शहर कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव समेत काफी संख्या में पहुंची पुलिस फोर्स प्रदर्शनकारियों के तेवर के आगे बौनी साबित हो रही थी। पुलिस एक तरफ रेलवे लाइन खाली करती तो मौका पाते ही लोग रेलवे लाइन पर आकर नारेबाजी करने लगते थे। देवरिया रेलवे स्टेशन के अधीक्षक परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि चकियवां ढाले के पास कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इस कारण क्रॉसिंग का गेट नहीं बंद हो पाया। लिहाजा इंटरसिटी और एक मालगाड़ी थोड़ी देर के लिए खड़ी रही। रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेटमैन संजय भारती ने उन्हें प्रदर्शन की सूचना 9.17 बजे दी। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी को मौके पर भेजा गया।