राष्ट्रीय लोक अदालत में 54,751 वाद निस्तारित
राष्ट्रीय लोक अदालत में 21.49 करोड़ का समझौता किया गया
दीवानी कचहरी में उमड़े वादकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 54,751 वादों का निस्तारण किया। इसको लेकर वादकारियों की भीड़ उमड़ी रही।
जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जय प्रकाश यादव, लोक अदालत नोडल अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्य कांत धर दूबे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इशरत परवीन फारुकी ने फीता काटकर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया।
इस दौरान न्यायिक अधिकारियों एवं अन्य विभागों द्वारा 54,751 मामलों का निस्तारण किया गया। प्रतिकर, जुर्माना एवं अन्य मामलों में कुल 21,49,53,685 ( इक्कीस करोड़ उनचास लाख तिरपन हजार छह सौ पचासी) रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में की सुनवाई
डीएम ने स्टांप ड्यूटी से जुड़े वाद का किया निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय लोक अदालत पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वादों की सुनवाई की। जिलाधिकारी ने स्टांप के एक प्रकरण में 6,40,921 रुपये अधिरोपित करने का आदेश दिया और प्रतिवादी पर 500 रुपये का जुर्माना कर प्रकरण का निस्तारण किया।
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश सरकार बनाम सुरजावती देवी मामले में प्रतिवादी को शुल्क के रूप में 4,18,550 रुपये, कमी निबंधन शुल्क के रूप में 83,750 रुपये, ब्याज के रूप में 1,38,121 तथा जुर्माने के रूप में 500 रुपये अर्थात 6,40,921 अधिरोपित कर मामले का निस्तारण किया। स्टांप ड्यूटी से संबंधित प्रकरण 14 जुलाई 2021 से जिलाधिकारी के न्यायालय में प्रक्रियाधीन था। प्रतिवादी ने अधिक जुर्माने से बचने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में कम स्टांप शुल्क व निबंधन शुल्क जमा करने पर सहमति व्यक्त की और मामले का निस्तारण करने के लिए आवेदन किया था।
मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिंद ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न राजस्व न्यायालयों में सुनवाई की गई। इस दौरान 24,515 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। 6,50,921 की राशि का सेटेलमेंट किया गया। 14,811 प्रकरण राजस्व से संबंधित थे।
क्रिमिनल कंपाउंडेबल मामलों की संख्या 1117 थी। इसमें दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। जलकर से जुड़े 4,929 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें 3,654 प्रकरण अन्य मामलों का निस्तारण किया गया है।