पकड़ी बाजार (देवरिया)। त्रेता युग के श्रवण कुमार की तरह दुबौली गांव के तीन भाइयों ने बुधवार को माता-पिता को बहियाभार (कांवर) बनाकर शिव का दर्शन कराया। दुबौली गांव के बुजुर्ग दंपती सावित्री देवी और बच्चन यादव के बेटों ने श्रावण मास में उन्हें शिव का दर्शन कराने को कंधे पर लेकर 40 किलोमीटर की यात्रा की। सावित्री और बच्चन के तीन बेटों में रामकुबेर बड़े हैं। राजू और विजय ने बड़े भाई के कहने पर बुजुर्ग मां-बाप को टोकरी में बैठाकर श्रवण कुमार की तरह तीर्थयात्रा कराने की ठान ली। उनकी मां पैर से चलने में असमर्थ हैं। ऐसे में तीनों बेटे बहियाभार पर लेकर उन्हें सबसे पहले बरहज स्थित सरयू में स्नान कराए। वहां से जल भरकर महेंद्रानाथ होते हुए हंसतीर्थ स्थल रुद्रपुर के दुग्धेश्वरनाथ धाम पहुंच कर भगवान शिव का पूजा कराया। 40 किलोमीटर की यात्रा में दुबौली गांव के दर्जनों लोगों ने साथ दिया। इस दृश्य को देखने के लिए सड़क के किनारे लोगों की भीड़ जुटी थी। लोग हर हर महादेव के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। इस यात्रा में वंश बहादुर सिंह, रामायन यादव, विनय सिंह, अमीन, रामप्रवेश, विनय प्रकाश, दुर्गेश, दीनानाथ सहित तमाम शामिल हुए।