पैंतीस बेड पर हो रहा 45 बीमार बच्चों का इलाज
वायरल बुखार ने पांव पसारे, बुखार, खांसी, उल्टी, दस्त, सर्दी, पेट दर्द से पीड़ित बच्चों से भरा वार्ड
पीआईसीयू और चिल्ड्रेन वार्ड में खाली नहीं हैं बेड
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम में परिवर्तन से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। वायरल की चपेट में आने से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द से पीड़ित बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में बेड कम पड़ जा रहे हैं। पीआईसीयू से लेकर चिल्ड्रेन वार्ड भर गए हैं। पैंतीस बेड पर 45 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। बीमार बच्चों की भीड़ से व्यवस्था लड़खड़ा गई है। कुछ दवाओं की कमी हो गई है। तीमारदारों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है।
बारिश के बाद धूप और उमस से लोग बेहाल हैं। इस मौसम में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में शहर से लेकर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती इलाके के लोग इलाज कराने आते हैं। इन दिनों अस्पताल में बीमार बच्चों की भीड़ लग रही है। हर रोज बुखार, उल्टी, दस्त, सर्दी, खांसी, पेट दर्द सांस से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। तेज बुखार के कारण बच्चों को झटका भी आ रहा है। इस तरह के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
शनिवार की रात से वार्ड के बेड भरे हैं। अधिक मरीज होने से बेड कम पड़ गए हैं। रविवार को भी यही हाल रहा। कुछ आराम होने पर चिकित्सकों के छुट्टी करने के बाद ही बेड भर गए। पंद्रह बेड के पीआईसीयू में उन्नीस बच्चे भर्ती थे। इसमें एक बेड पर तीन तथा दो पर दो-दो बच्चों का इलाज चल रहा था। वहीं, बीस बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में 26 बच्चे भर्ती थे। यहां भी कुछ बेड पर दो-दो बच्चों का मजबूरी में इलाज किया गया, जिससे तीमारदारों तथा मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन से वायरस, बैक्टीरिया, फंगस नमी के कारण तेजी से बढ़ते हैं। इससे संक्रमण बढ़ जाता है। कमजोर इम्युनिटी के लोग चपेट में आने से बीमार हो जाते हैं। दूषित भोज्य पदार्थ, पानी, सर्द गर्म का असर बच्चों पर पड़ रहा है। इस समय मच्छरों का प्रकोप भी होता है। इस मौसम में सभी को सावधान रहना चाहिए।
कुछ दवाओं की है कमी
अस्पताल में बीमार बच्चों के अधिक संख्या में पहुंचने से व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कुछ दवा की कमी हो गई है। पेट दर्द, एलर्जी का इंजेक्शन, तेजी बुखार, उल्टी, सीट्रिजीन सीरप सहित कुछ अन्य दवाएं मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इन्हें तीमारदारों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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तीमारदारों के लिए नहीं है व्यवस्था
अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड के बाहर तीमारदारों के बैठने के लिए समुचित इंतजाम नहीं किए गए हैं। एक मरीज के साथ कई लोग आ रहे हैं। उनके बैठकर आराम करने के लिए कुर्सी की व्यवस्था नहीं है। हाल में फर्श पर बैठकर लोग समय बीताते हैं और वहीं मरीज का हाल जानने के लिए पहुंच रहे शुभचिंतक से बात करते हैं। जबकि पीआईसीयू के बाहर बेंच तथा बरामदे में कुर्सी लगी है, लेकिन इस समय दिन में वह भी कम पड़ जा रही है।
ये सावधानी बरतें
ताजा भोजन, शुद्ध पानी का सेवन करें
साफ-सफाई पर ध्यान दें
मौसमी फल का सेवन करें
अच्छी तरह हाथ धोकर खाना खिलाएं
सड़क किनारे खुले में बिकने वाले कटे फल तथा बिकने वाले खाद्य पदार्थ का सेवन न करें
बाहर के सामान को खाने के लिए न दें
कोट
मौसम बदलने का बच्चों की सेहत पर असर हो रहा है। सर्द गर्म तथा दूषित खाद्य पदार्थ व पानी के सेवन से बच्चे बीमार पर पड़ रहे हैं। इन दिनों अस्पताल में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार से पीड़ित अधिक बच्चे आ रहे हैं। सावधानी बरतने के साथ बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है। तबीयत खराब होने पर चिकित्सक से संपर्क करेें। अस्पताल में इलाज की सुविधा है। दवा नहीं है उसे उपलब्ध कराने के प्रक्रिया चल रही है। जल्द समस्या दूर कर ली जाएगी।
- डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ