कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमराई
गोरखपुर से मैकेनिक बुलाकर पुरवा उपकेंद्र की इनकमिंग को दुरुस्त कराकर बहाल कराई गई आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। करीब 48 घंटे से अधिक समय से चल रही बिजली कर्मियों की हड़ताल से जिला मुख्यालय के मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। करीब 15 फीडर से जुड़े जिले के 430 गांवों की बिजली सात से दस घंटे तक प्रभावित रही। शहर के पुरवा उपकेंद्र से जुड़े तीन मोहल्लों की बिजली भी नौ घंटे तक ठप रही। गोरखपुर से मैकेनिक आने के बाद इनकमिंग को ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई। जबकि पल-पल की निगरानी के लिए सभी एसडीएम और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, एसपी संकल्प शर्मा ने निरीक्षण किया।
शहर के पुरवा स्थित उपकेंद्र में शुक्रवार रात करीब आठ बजे खराबी आने से शहर के रामगुलाम टोला, देवरही टोला, सिंधी मिल कालोनी की बिजली कटी रही। सुबह गोरखपुर से मैकेनिक आने के बाद इन मोहल्लों की बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खुखुंदू बिजली उपकेंद्र से मेन सप्लाई नहीं मिलने से शनिवार को दिनभर तकरीबन ढाई सौ गांवों की बिजली गुल रही। संविदा कर्मियों से पूछने पर उनका कहना है कि जब यहां सप्लाई मिलेगी तो क्षेत्र में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इस उपकेंद्र से खुखुंदू, गड़ेर, बैदौली, सोनबरसा और नूनखार चार फीडरों के माध्यम से क्षेत्र के नरौली संग्राम, परसिया मिश्र, बरडीहा लाला, नूनखार, सिसवा, एकडंगा, सिसई, बरसात, बहादुरपुर, छोटी रारि, परसिया भंडारी, नरौली भीखम, खुखुंदू सहित तकरीबन ढाई सौ गांवों में आपूर्ति की जाती है। शनिवार सुबह तकरीबन दस बजे मेन सप्लाई गुल हो गई। इसके बाद दिनभर बिजली ठप रही। हालांकि इसके पहले यहां सप्लाई बाधित नहीं हुई थी। उपभोक्ता बिजली घर पर तैनात संविदा कर्मियों से बातचीत कर बिजली आने की जानकारी लेते रहे। मगर संविदा कर्मियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मायूस हो जा रहे थे। बिजली घर पर तैनात संविदा कर्मियों का कहना है कि क्षेत्र में कही कोई फाल्ट नहीं है। मेन सप्लाई नहीं मिलने से आपूर्ति बाधित है। जैसे ही मेन सप्लाई आएगी। क्षेत्र में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। वैसे सप्लाई कब तक आएगी इसका कोई भरोसा नहीं है।
नौतन फीडर का केबल ब्लास्ट, 48 गांवों में रहा अंधेरा
बरियारपुर। नौतन फीडर का केबल शुक्रवार रात ब्लास्ट हो गया। इसके चलते 48 गांवों की बिजली गुल हो गई। बिजली नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं केबल ब्लास्ट होने से उपकेंद्र में तैनात राजस्व कर्मियों और बिजली कर्मियों ने भागकर जान बचाई। इस उपकेंद्र से पांच फीडरों को बिजली सप्लाई दी जाती है। शनिवार को भी केबल सही नहीं होने पर गांव अभी भी अंधेरे में हैं। इसके अलावा गोरयाघाट फीडर का पूरा पैनल ही जल गया है। जिसे बरियारपुर फीडर से जोड़ कर चलाया गया।
भाटपाररानी में देहात में आपूर्ति ठप, ग्रामीण परेशान
भाटपार रानी/ सोहनपुर /खामपार। हड़ताल से शनिवार को भी तहसील क्षेत्र के देहात फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे लोग परेशान रहें। भाटपाररानी नगर तथा तहसील उपकेंद्र की शुक्रवार की रात दस बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे नगर के लोगों ने तथा तहसील कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन सोहगरा धाम, रामपुर, जसुई, खामपार फीडरों की बिजली आपूर्ति शनिवार को भी ठप रही। बनकटिया दुबे, भिंगारी बाजार उपकेंद्र से शनिवार को भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे गांवों के इंवर्टर, मोबाइल सहित बिजली उपकरण बंद हो गए हैं। इससे लोग पूरे दिन परेशान रहे। तीसरे दिन भी भिंगारी, चकिया कोठी, भवानी छापर गांव अंधेरे में डूबे रहे।
इलेक्ट्राॅनिक उपकरण और आटा चक्की हुई प्रभावित
देवरिया। बिजली न होने के कारण इलेक्ट्राॅनिक दुकानों पर बिक्री कम हुई, उपकरण लेने के बाद बिजली के उपकरण चेक नहीं हो पा रहे थे। वहीं दूसरी तरफ जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं रही, उन क्षेत्रों की आटा चक्की बंद रहीं, जिससे लोगों को आटा के लिए परेशान होना पड़ा।
कोट..
बिजली नहीं मिलने से पूरा दिन बेकार रहा। इंवर्टर से कुछ देर काम करने के बाद वह जवाब दे गया। रात में भी बिजली मिलेगी या नहीं कोई ठिकाना नहीं है।
कमलेश चंद, निवासी भलुआ एवं इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार खुखुंदू
कोट...
रोज की अपेक्षा शनिवार का दिन इनकम के मामले में शून्य रहा। शाम तक बिजली आने की आश में दुकान पर बैठा रहा। मगर बिजली नहीं आई। अगर रात में भी बिजली नहीं मिली तो रविवार का दिन भी बेकार जाएगा।
फिरोज, निवासी नरौली खेम, इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार
कोट..
बिजली सुबह कटती थी तो कुछ देर बाद आ जाती थी। मगर शनिवार को कटी तो शाम तक नहीं आई। ऐसे में घर में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए। रात में बिजली नहीं आई तो रात भी अंधेरे में कटेगी।
रवि कुशवाहा, निवासी नूनखार
कोट....
बिजली कटने की वजह से काफी दिक्कत हुई है। बच्चे तो पूछने लगे कि मम्मी, पापा बिजली कब आएगी। कुछ देर के लिए सुबह बिजली आई भी तो चली गई। इससे दिनचर्या प्रभावित हुई है।
रीमा सिंह, कठिनईया, गृहिणी
बिजली कटौती के कारण रात में मच्छरों से हम लोग परेशान रहे। सुबह पानी के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जब बिजली आई तो आवश्यक कार्य को निपटाया गया। सारिका श्रीवास्तव, राघव नगर, गृहिणी
समाधान दिवस छोड़ लेखपाल करते रहे विद्युत उपकेंद्र की ड्यूटी
बिजली कर्मियों की हड़ताल के कारण विभिन्न उपकेंद्रों पर लेखपाल और लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कारण लेखपालों की कमी समाधान दिवस पर फरियादियों को खल रही थी। कई ऐसे उपकेंद्र थे, जहां पर लोग लेखपालों के पास अपना काम लेकर पहुंच रहे थे।