बिजली-पानी के लिए तरसे लोग, आंधी-पानी और ओलावृष्टि से करीब 60 बिजली के खंभे व तार हुए थे क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कंचनपुर। पांच दिन बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं होने से तरकुलवा और पथरदेवा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों की करीब 40 हजार आबादी अंधेरे में हैं। उन्हें बिजली-पानी के लिए तरस जाना पड़ा है। सोमवार शाम आई आंधी-पानी और ओलावृष्टि के चलते लगभग 60 बिजली के खंभे व तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे लड़खड़ाई तरकुलवा सबस्टेशन की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पांच दिनों बाद भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। निगम का कहना है कि समस्या दूर कर जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
सोमवार शाम आंधी के बीच बारिश व ओलावृष्टि से तरकुलवा सबस्टेशन की बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। तेज हवा के चलते तरकुलवा, बालपुर श्रीनगर, जमुनी, दुबेटोला, बसंतपुर धूसी, कंचनपुर, पथरदेवा, बंजरिया आदि गांवों और कस्बों में पेड़ उखड़कर बिजली के खंभों और तारों पर गिर गए थे। इससे करीब 60 बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए। सबस्टेशन से जुड़े गढ़रामपुर, तरकुलवा, पथरदेवा, कंचनपुर आदि कस्बों समेत लगभग 300 गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। काफी मशक्कत के बाद बिजली कर्मियों ने एक दिन बाद मंगलवार को गढ़रामपुर फीडर की सप्लाई चालू की थी। जबकि बड़ा फॉल्ट होने के कारण पथरदेवा, तरकुलवा और बंजरिया फीडर की सप्लाई 84 घंटे बाद बृहस्पतिवार शाम तक चालू नहीं हो सकी थी। इससे पथरदेवा, बंजरिया, कंचनपुर आदि कस्बों सहित लगभग 200 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप थी। पेड़ गिरने से मोहन मुण्डेरा, बरई पट्टी, दुबेटोला आदि कई गांवों के ट्रांसफार्मर भी जल गए थे। लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए और मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। कस्बे से लगायत गांवों तक लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ा। शादी-विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारियों में लगे परिवारों को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ी। हर ओर हाहाकार मचा हुआ था। संपन्न लोग अपने घरों में जेनरेटर लगाकर गर्मी से राहत ले रहे थे, लेकिन गरीब और असहाय लोग पल-पल बिजली आपूर्ति चालू होने का इंतजार कर रहे थे। बिजली निगम के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों और तारों को ठीक किया। तब जाकर शुक्रवार सुबह करीब सौ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
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तरकुलवा सबस्टेशन की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। मोहन मुंडेरा और बरई पट्टी की आपूर्ति चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। देर शाम तक उन गांवों की सप्लाई भी चालू कर दी जाएगी।
-संदीप कुमार, जेई
अभी तक बिजली नहीं आई है। इससे भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। फॉल्ट हुए पांच दिन हो गए हैं। आपूर्ति बहाल न होने से बिजली-पानी के लिए लोगों को तरस जाना पड़ रहा है।
-सुरजीत सिंह, तरकुलवा
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बिजली नहीं आने से हालत खराब हो गई है। दिन तो जैसे-तैसे कट जा रहा है, लेकिन रात के समय सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जेई से बात करने पर उन्होंने बताया कि शनिवार तक बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
-गुलशन, मैनपुर