रुद्रपुर। मदनपुर थाना क्षेत्र के पिड़री गांव में एक ईट भट्टा मालिक के चंगुल से तहसील प्रशासन ने 40 मजदूरों को मुक्त कराया। सोमवार को प्रशासन ने मजदूरों को मुक्त करा भट्ठा मालिक से उनकी मजदूरी दिलाते हुए उन्हें ट्रेन से घर भेजवा दिया। वह करीब एक माह से भट्ठा मालिक के यहां बंधुआ थे। भट्ठा मालिक उनकी मजदूरी अपने पास रख कर उनको घर नहीं भेज रहा था। बंधक बने मजदूरों के घर वालों ने एससीएसटी आयोग में शिकायत की थी, जिस प्रशासन ने कार्रवाई की थी। भट्ठा मालिक के अनुसार एक बिचौलिए ने रुपये लेकर उन्हें मजदूरी के लिए बेच दिया था। नायब तहसीलदार शिवेन्द्र कौंडिल्य और मदनपुर पुलिस ने पिड़री गांव स्थित हीरा भट्ठे पर छापामारी की। नायब तहसीलदार ने बताया कि मजदूरों के परिवार वालों ने आयोग में शिकायत किया था कि उन्हे बंधक बना लिया गया है। संभल जिले के रहने वाले मजदूरों को मालिक मजदूरी नहीं दे रहा था। नायब तहसीलदर ने भठ्ठा मालिक से उनकी पूरी मजदूरी दिलाकर बस से देवरिया रेलवे स्टेशन से उनके घर भिजवाया। वहीं भठ्ठा मालिक रामरतन और बल्ले यादव का कहना है कि एक बिचौलिया एडवांस रुपया लेकर मजदूरों को दिया था। बिचौलिए ने मजदूरों को और भठ्ठा मालिक को धोखा दिया है। नायब तहसीलदार शिवेंद्र कौण्डिल्य ने कहा कि मदनपुर पुलिस के सहयोग से मजदूरों को मुक्त कराकर उनकी मजदूरी का भठ्ठा मालिक से भुगतान कराया गया। संभल जिले के सिरसी गांव निवासी रामकुमार ने इसके बारे में प्रशासन को सूचना दी थी। जिस पर भट्ठा से कल्लू, अजय, धर्मपाल, जगपाल, पिंटू, दीपक, विनोद, चंद्रवैस, गौतम, अरुण, करन, निखिल, दुष्यंत, राधे, सत्येन्द्र, हरिराम, चरन, अजय, विजेन्द्र, पप्पू, रानी, विजय पाल आदि को मुक्त करा कर उनके घर भेज दिया गया।