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Deoria News: डकैती और लूट के मामले में आईवीएफ के 40 सदस्यों को सजा

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-29 वर्ष पहले खामपार थाना क्षेत्र में हुई थी बड़ी वारदात
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-आईपीएफ सदस्य से मोटरसाइकिल टकराने के विवाद से हुई थी शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम इंदिरा सिंह ने शुक्रवार को 29 वर्ष पहले हुई डकैती और लूट के मामले में दोषी पाते हुए 40 अभियुक्तों के खिलाफ दस वर्ष की कैद और एक हजार रुपये अर्थ दंड का फैसला सुनाया। इसी केस में दूसरी तरफ के एक अभियुक्त के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में आजीवन कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
यह घटना खामपार थाना क्षेत्र के ग्राम बलवान खास में हुई थी और यह मामला बिहार में सक्रिय रहे इंडियन पीपुल्स फ्रंट से भी जुड़ा है। सहायक शासकीय व्यवस्था नितेश पांडे व मनीष सिंह सोनू के अनुसार खामापार थाना क्षेत्र के निवासी अजय कुमार श्रीवास्तव 17 जनवरी 1995 को अपने मोटरसाइकिल से बाजार जा रहे थे, कि रास्ते में इंडियन पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) के सदस्य छोटेलाल बाइक से टक्कर लग गई। दोनों लोगों में काफी कहासुनी हुई। उसके बाद छोटे लाल ने उसी रात को आईपीएफ सदस्यों के साथ अगले दिन 18 जनवरी 1995 की सुबह 7:20 बजे श्रीवास्तव के दरवाजे पर करीब डेढ़ सौ की संख्या में लोग पहुंचे। वे नारा लगा रहे थे कि जो आईपीएफ से टकराएगा, वह चूर-चूर हो जाएगा। उन्होंने अजय श्रीवास्तव के घर पर हमला बोल दिया। उन्होंने लाठी डंडा, भाला, ईंट, पत्थर के साथ बम से हमला बोला। उसके बाद अजय के घर के सभी लोग छत पर भाग गए, जबकि गांव के अन्य लोग भी भाग गए। उन्होंने अजय के घर के अलावा बगल के हरदेव भगत व रामनाथ के घर भी लूटपाट की।
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उनके हमले में कई लोग घायल हो गए थे, इसी बीच अजय लाल ने अपने बाबा की लाइसेंसी बंदूक से फायर किया, जिसमें एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई। महिला आईपीएफ का नेतृत्व करती थी। इस मामले में दोनों ओर से केस दर्ज दर्ज कराया गया।


दोनों पक्ष के 41 अभियुक्तों के खिलाफ फैसला
अजय लाल श्रीवास्तव की तरफ से कल 59 लोगों पर रपट दर्ज कराया गया जबकि रामप्रवेश यादव, रामकिशोर वर्मा, प्रभुनाथ, राधा कृष्ण, जलेश्वर, नथुनी, रमाकांत, शिव बालक, कौशल किशोर, अमरनाथ शर्मा, रामायण, किशन देव, पारस राम, कैलाश, बलिस्टर, गंगासागर, योगेंद्र, चौखट, गणेश, लाल बहादुर, सतनारायण, बराई, केशव शर्मा, सुरेंद्र, रामसूरत, हरेंद्र, संतोष, दिनेश, शिवनारायण, स्वामीनाथ, हरिश्चंद्र, हरिलाल, भोला, राधेश्याम, रामाश्रय, बब्बन, बुंदेला, हरेराम, छोटेलाल, राज किशोर, हंसनाथ, रतन आदि लोगों पर डकैती व लूट का मुकदमा दर्ज हुआ । दूसरी तरफ से अजय कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध हत्या हुआ, हत्या का प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ। दोनाें पक्ष के सभी 41 अभियुक्तों के खिलाफ सजा सुनाई गई है।
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आईपीएफ का इतिहास
आईपीएफ बिहार से जुड़ा हुआ संगठन है। इसके सदस्य बड़े वर्ग की जमीन पर अपना लाल झंडा लगाकर कब्जा जमाते थे। बिहार से लेकर बाॅर्डर पर अपने संगठन के सदस्य के लिए लड़ते थे और टकराने वालों को मार देते थे।
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