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भूमि अधिग्रहण के रेट को लेकर फिर फंसा पेंच

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भटनी रेलवे गेस्ट हाउस में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों से वार्ता करते रेलवे व प्रशासन के अफसर। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। भटनी-हथुआ रेल परियोजना में भूमि अधिग्रहण के विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को रेलवे के अफसरों और किसानों के बीच वार्ता हुई। भटनी रेलवे गेस्ट हाउस में हुई वार्ता में काफी देर बाद भी कोई निर्णय नहीं हो सका। 27 दिसंबर को दोबारा वार्ता की तिथि नियत की गई है। पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार भटनी-हथुआ रेल लाइन के लिए जिले के किसान अपनी भूमि देने को तैयार नहीं है। किसानों में असहमति भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा न देने को लेकर है। लंबे समय से परियोजना अधर में है। पिछले दिनों मुख्य सचिव के निर्देश के बाद इसे पूरा कराने को लेकर सरगर्मी बढ़ी है। शुक्रवार को रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग से विपुल माथुर, रमेश चंद्र जायसवाल, उप विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ओमप्रकाश, सहायक चकबंदी अधिकारी प्रमोद सिंह की मौजूदगी में भटनी गेस्ट हाउस में वार्ता हुई। किसान वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना दाम मिलने पर ही अपनी जमीन देने की जिद पर अड़े रहे, जबकि अफसर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार रेट की दलील देते रहे। काफी देर तक वार्ता के बाद भी कोई फैसला नहीं हुआ। लिहाजा 27 दिसंबर को वार्ता की अगली तिथि तय की गई। इस दौरान किसानों की ओर से तारकेश्वर नाथ तिवारी, महिपाल सिंह, इंदूशेखर मिश्र आदि मौजूद रहे।
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