देवरिया। नवजात की मौत के बाद महिला अस्पताल में तीमारदारों ने हंगामा खड़ा कर दिया। शव लेकर घर वाले सीएमओ के पास पहुंचे और एसएनसीयू वार्ड के कर्मचारियों पर नवजात को बदलने का आरोप लगाया। सीएमओ ने डीएनए जांच के लिए निर्देश दिए। बाद में घर वाले शव लेकर चले गए।
शहर के सिंधी मिल कॉलोनी निवासी मुस्तफा अली की पत्नी जरीना बेगम का प्रसव शुक्रवार को महिला अस्पताल में हुआ। नवजात बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे एसएनसीयू वार्ड में रखा गया। शाम को सात बजे डॉक्टर ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। घर वाले अस्पताल में हंगामा करने लगे और शव लेकर चले गए। शनिवार को सुबह नवजात के शव को लेकर घर वालों के साथ जरीना बेगम सीएमओ कार्यालय पर पहुंची और एसएनसीयू वार्ड में तैनात कर्मचारियों पर बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सीएमओ ने घर वालों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। मामला बढ़ता देख सीएमओ ने सीएमएस को डीएनए जांच के लिए लिखा। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि नवजात की मृत्यु हो चुकी है। जांच के लिए ब्लड नहीं लिया जा सकता है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद नाखून व सिर का बाल डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा। इसकी जानकारी होने पर घर वाले शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाए और शव लेकर चले गए। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में सीसी टीवी कैमरा लगा है। बच्चा नहीं बदला जा सकता है। पोस्टमार्टम घर वाले नहीं कराए और शव लेकर चले गए।