केंद्रों की सूची जारी होने के बाद आपत्तियां आनी शुरू
यूपी बोर्ड परीक्षा : पहले दिन आईं 30 से अधिक आपत्तियां, केंद्रों से दूरी की हैं सबसे ज्यादा शिकायतें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा-2023 के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जनपद में घोषित किए गए 207 केंद्रों के संबंध में सोमवार से आपत्तियां आनी शुरू हो गईं हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें केंद्रों की दूरी को लेकर हैं। सोमवार शाम तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर एडेड व वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों सहित इनके शिक्षणेतर कर्मचारी आपत्तियों को जमा कराने में लगे रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा सत्र 2022-23 में जनपद से एक लाख 40 हजार 213 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। इसमें हाईस्कूल में 72,003 एवं इंटर में 68,210 विद्यार्थी शामिल हैं। वर्ष 2022 की परीक्षा की अपेक्षा इस बार 15,660 परीक्षार्थी ज्यादा हैं। रविवार की शाम को माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से प्रदेश भर के जिलों में बनाए गए केंद्रों की सूची जारी कर दी गई।
ऑनलाइन प्रक्रिया सेजिले में कुल 207 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें नौ राजकीय, 112 वित्तपोषित एवं 86 वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। 14 दिसंबर तक इस संबंध में आपत्तियां मांगी गईं हैं। सोमवार को सुबह से ही आपत्तियां दाखिल करने के लिए माध्यमिक स्कूलों से जुड़े प्रबंधकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों का कार्यालय में जमावड़ा रहा।
शहर के शांतिनगर स्थित संत पुष्पा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने अपनी आपत्ति में कहा है कि उनका विद्यालय नगर पालिका क्षेत्र में स्थित है। यहां के इंटर विज्ञान वर्ग की 33 छात्राओं का परीक्षा केंद्र लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित श्री डीएन इंटर कॉलेज रुद्रपुर को बनाया गया है। इससे यहां के परीक्षार्थियों को बोर्ड परीक्षा के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने विद्यालय का परीक्षा केंद्र नगर क्षेत्र देवरिया सदर स्थित किसी राजकीय या प्राइवेट विद्यालय में बनाए जाने की मांग की है।
कोट
सोमवार की शाम तक ऑनलाइन व ऑफलाइन मिलाकर कुल 30 आपत्तियां आई हैं। इसमेें सबसे अधिक केंद्रों की दूरी के संबंध में हैं। मंगलवार व बुधवार को अभी और आपत्तियां आने की संभावना है। 20 दिसंबर के पहले तक जिला स्तरीय समिति की बैठक कराकर इन आपत्तियों का निस्तारण करा लिया जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रकार की आपत्तियों पर कोई विचार नहीं होगा।
-डॉ. विनोद कुमार राय, डीआईओएस