..फोटो- अंडर-12 से अंडर-19 भारतीय टीम और आल इंडिया नेशनल फुटबाल खेल चुकी हैं मुस्कान, ंवंदना और नेहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट/देवरिया। अगले माह होने वाले अंडर-20 फुटबाल ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए जिले की तीन महिला फुटबाल खिलाड़ी अपने खेल मैदान पर कड़ी मेहनत कर रही हैं। तीनों अंडर-12 से अंडर-19 तक की नेशनल टीम की सदस्य रह चुकी हैं। इसमें फारवर्ड खिलाड़ी मुस्कान सात बार नेशनल खेल चुकी है, वहीं, वंदना गोलकीपर और नेहा सेंटर हॉफ की खिलाड़ी हैं।
जिले के बघौचघाट क्षेत्र के हरफोड़ा निवासी एवं मुंबई में प्राइवेट जॉब करने वाले आलम खां की पुत्री मुस्कान खान शुरू में वाॅलीबाल खिलाड़ी बनना चाहती थी, लेकिन अपने कॉलेज में फुटबाल खेल में लड़कियों को बेहतर प्रदर्शन करते देख खुद भी इसमें कॅरिअर बनाने की ठान ली। वहीं, कुर्मीपट्टी निवासी एवं मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले अंगद प्रसाद की पुत्री नेहा कुमारी और हरपुर के ऑटो चालक जितेंद्र की पुत्री की वंदना कुशवाहा बहुत ही होनहार खिलाड़ी हैं। तीनों खिलाड़ी महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज कुर्मीपट्टी की छात्रा हैं। यहां खेल का बेहतर माहौल होने का ही परिणाम है कि अब मुस्कान सात जूनियर नेशनल खेल चुकी है। वहीं, नेहा तीन जूनियर नेशनल खेल चुकी है और वंदना दो जूनियर नेशनल खेल चुकी है।
मुस्कान अंडर-16, यूपी टीम से उड़ीसा, अंडर-19 मुंबई और पंजाब एवं अंडर-17 में गुवाहाटी में खेल चुकी है। वंदना अंडर-17 लुधियाना व अंडर-19 गाजियाबाद में यूपी टीम से खेल चुकी है। वह जूनियर संतोष ट्राॅफी भी खेलने मध्यप्रदेश गई थी। वहीं, नेहा यूपी टीम से अंडर-16 में उड़ीसा, अंडर-17 में गुवाहाटी और अंडर-19 में मध्यप्रदेश जाकर खेल चुकी है। तीनों खिलाड़ी इस बार भारत की अंडर -20 टीम के लिए होने वाले ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अपने होम ग्राउंड पर कड़ी मेहनत कर रही हैं। तीनों खिलाडि़यों ने बताया कि अपने स्थानीय प्रशिक्षक की देखरेख में फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रही है। डाइट सही रहे, इसके लिए भोजन कम, पेय पदार्थ का सेवन अधिक कर रही हैं।
खेल में फिट रहना सर्वाधिक है जरूरी
इन्होंने बताया कि फुटबाल में फिटनेस बहुत जरूरी है और फिट तभी रह सकते हैं जब डाइट अच्छा होगा। मुस्कान ने कहा कि गेंद पर अपना नियंत्रण कितना समय रखना है और उसे गोल में कैसे बदलें, उसी बारीकी को सीख रही हूं। वहीं, वंदना ने कहा कि गेंद पर पकड़़ मजबूत हो यही अच्छे गोलकीपर की निशानी है। नेहा ने कहा की सेंटर हॉफ खेलना बहुत कठिन होता है, अपने साथी खिलाड़ी को गेंद कैसे दिया जाए, इसी तकनीक को सीख रही हूं।
तीनों खिलाडि़यों ने बताया की काॅलेज की सीनियर खिलाड़ियों को खेलता देखा और वहीं से इस खेल में बेहतर करने की प्रेरणा मिली। मुस्कान बचपन में वॅालीबाल खेलना चाहती थी तो नेहा क्रिकेटर बनना चाहती थी। वहीं, वंदना काे शुरू से फुटबाल ही पसंद रहा है। तीनों का सपना है कि देश के लिए खेले और बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश व जिले का नाम रोशन करें।
कुर्मीपट्टी खेल मैदान फुटबाल खिलाड़ियों के लिए बन रहा नजीर
तीनों खिलाड़ियों के स्थानीय प्रशिक्षक जयकुमार राव ने कहा की कुर्मीपट्टी खेल मैदान से बेटियां फुटबाल के गुर सीख कर देश में देवरिया का नाम रोशन कर रही हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। तीनो खिलाड़ी बहुत अच्छा खेलती हैं, उनकी कमियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। कड़ी मेहनत की बदौलत तीनों का चयन अंडर- 20 सीनियर टीम में होगा।
फुटबाल खिलाडी मुस्कान
फुटबाल खिलाडी मुस्कान