डेंगू का एक संभावित मरीज मिला
अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में मरीज मिल रहे हैं। डेंगू का संभावित एक मरीज मिला है। उसका उपचार मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में चल रहा है। जांच रिपोर्ट आने पर ही पुष्टि हो सकेगी।
जनपद में डेंगू पांव पसार रहा है। शहर से लेकर विभिन्न क्षेत्रों तथा गैर जनपद व प्रांत से आने वाले लोग पीड़ित मिल रहे हैं। अहिरौली बघेल निवासी एक किशोर गुरुग्राम में बीटेक का छात्र है। जहां दस दिन पहले वह बुखार से पीड़ित हो गया। उसके शरीर में दर्द व उल्टी की शिकायत थी। उसने दवा ली तो कुछ आराम मिला। इसके बाद वह रवाना हो गया और सलेमपुर अपने रिश्तेदार के घर पहुंचा। यहां प्राइवेट में दिखाया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंचा। परीक्षण के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज चल रहा है। डॉ. विजय गुप्ता ने बताया कि संभावित एक मरीज को भर्ती किया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा। आइसोलेशन वार्ड में तीन मरीजों का इलाज चल रहा है।
कोठा गांव के डेंगू के दो संभावित मरीज मिले
गांव की एक युवती में कालाजार के मिले हैं लक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटा/रामपुर बुजुर्ग। क्षेत्र के कोठा गांव में डेंगू के संभावित दो मरीजे मिले हैं। उनमें डेंगू के लक्षण दिखे हैं। वहीं, एक युवती कालाजार से पीड़ित बताई जा रही है। इनमें से दो लोगों का उपचार मेडिकल कालेज में चल रहा है, वहीं, एक मरीज का निजी अस्पताल में इलाज हो रहा है।
इसे लेकर ग्राम प्रधान कृष्णकांत सिंह ने सीएमओ को पत्र लिखा है। बताया है कि गांव के चंदन यादव एवं ददन यादव संभावित डेंगू तथा सुनीता कुमारी कालाजार से पीड़ित हैं। एक सप्ताह से मरीजों के परिवार के सदस्य परेशान हैं। उनका कहना है कि गांव से करीब एक किमी दूर भुड़वार गांव में तीस बेड का अस्पताल है, लेकिन वहां न तो कोई डॉक्टर नियुक्त है और न कोई जांच करने के लिए कर्मचारी कभी आता है। आरोप है कि इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी से संपर्क किया जाता है तो वे टालमटोल कर रहे हैं।
प्रधान का कहना है कि गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव बार बार कराने के बाद भी मच्छरों का प्रकोप और बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने सीएमओ से दवा के छिड़काव की मांग की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी नवीन सिंह ने बताया कि युवती की पीएचसी पर हुई जांच में कालाजार की पुष्टि नहीं हुई है। किसी अन्य जगह हुई जांच में कालाजार होने की बात सामने आई है। दोनों जांच रिपोर्ट भिन्न होने के कारण आगे की जांच के गोरखपुर भेजा गया है।