गौरी बाजार सीएचसी की महिला चिकित्सक भी आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रसूता की मौत के मामले में मृतका की सास की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और दो अज्ञात सहित पांच लोगों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों में गौरी बाजार सीएचसी की एक महिला चिकित्सक भी शामिल है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
परिजनों के अनुसार, ग्राम सेखुई निवासी सोनिका देवी की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी। उसका पति बेंगलूरू में काम करता है। शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सोनिका के परिजन उसे गौरी बाजार सीएचसी पर ले गए थे। वहां से चिकित्सक ने उसे मेडिकल कॉलेज देवरिया के लिए रेफर कर दिया था। देवरिया जाने के बजाय परिजन उसे गौरी बाजार के रामपुर चौराहा स्थित पुष्पा अस्पताल में भर्ती कराए। वहां ऑपरेशन के दौरान बच्चे को जन्म के बाद विवाहिता की मौत हो गई।
विवाहिता की मौत से गुस्साए परिजनों ने सोनिका के शव को अस्पताल के सामने रखकर हंगामा शुरू कर दिया। यह देखकर अस्पताल के लोग भाग खड़े हुए। सोनिका के परिजन अस्पताल को सील कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी की आकस्मिक मौत की खबर मिलते ही उसका पति राहुल निषाद बेंगलूरू से देर रात अपने घर पहुंचा।
रविवार की शाम महिला का अंतिम संस्कार मझना नाला तट पर हुआ। अंतिम संस्कार के बाद थाने पहुंची सोनिका की सास उर्मिला देवी ने अस्पताल संचालक, चिकित्सक व अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा पर तैनात प्रसूति रोग विशेषज्ञ डाॅ. रेनू मिश्रा, स्वास्थ्यकर्मी अनुराधा उपाध्याय और अस्पताल संचालक राहुल शर्मा सहित दो अज्ञात के विरुद्ध गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
थानाध्यक्ष दिनेश मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
दूसरी ओर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार झा ने मामले की विभागीय जांच के लिए एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। इनमें एसीएमओ डॉ. संजय चंद, डॉ. आरपी यादव व सीएचसी के अधीक्षक डाॅ. बीएन गिरि शामिल हैं।
सोनिका के परिजनों ने तहरीर में लगाए ये आरोप
पुलिस को दी गई तहरीर में सोनिका की सास ने बताया है कि महिला चिकित्सक की तरफ से प्रसूता के सफल प्रसव के लिए 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। 20 हजार रुपये दे दिए गए थे। इसी बीच ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत हो गई।
अधिकतर निजी अस्पताल नहीं पूरे करते मानक
जनपद में 101 निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं। लेकिन, इसके बावजूद निजी अस्पतालों की भरमार है। संचालित होने वाले अस्पतालों में ज्यादातर ऐसे हैं, जो निर्धारित मानक पूरे नहीं करते। सबसे बड़ी समस्या तो अग्निसुरक्षा मानकों को पूरा न करना है। आग से बचाव और ऐसी घटना होने पर भगदड़ के दौरान सभी के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए दो सीढि़यां होनी चाहिए, ताकि लोग आसानी से आ-जा सकें। लेकिन, यह मानक बहुत कम अस्पताल पूरे कर पाते हैं। सभी के पास वाहन पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं होता। इसके अलावा अस्पताल संचालकों को फायर के अग्निशमन विभाग के साथ-साथ प्रदूषण और बॉयो मेडिकल वेस्टेज के लिए एनओसी अर्थात अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। उनके पास डाॅक्टर और स्टाफ भी होने चाहिए। अस्पताल भवन का एग्रीमेंट होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम को ऑनलाइन आवेदन के बाद सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट लगानी होती है।
जनपद में हुईं घटनाएं
केस-एक
13 जनवरी की रात भटनी के एक निजी अस्पताल में रामबारी गांव के निवासी अमरजीत सिंह की 26 वर्षीय पत्नी निभा को ऑपरेशन से बेटी पैदा हुई थी। उसके बाद निभा की मौत हो गई थी। घटना के बाद निभा के परिजनों ने हंगामा किया था।
केस-दो
30 अक्तूबर 2022 को रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के रामलक्षन चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान सूरजपुर गांव निवासी रवि निषाद की 28 वर्षीय पुत्री निशा की ऑपरेशन से बच्चे के जन्म के बाद मौत हो गई थी।
केस-तीन
22 सितंबर 2022 को मईल थाना क्षेत्र के करौता गांव निवासी सर्वजीत उर्फ राणा की पत्नी रिंकू देवी (24) और लार थाना क्षेत्र के धकपुरा गांव निवासी छोटू की पत्नी संध्या (25) को सलेमपुर नगर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से बच्चा हुआ। इसके बाद दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल के कर्मियों ने उन्हें अपने वाहन से गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में पहुंचा दिया। यहां दोनों प्रसूताओं की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा किया।