पशु तस्करों पर कार्रवाई में लापरवाही पर कसया और तमकुहीराज के थानेदार और पांच दरोगा समेत 25 पुलिसकर्मियों को बृहस्पतिवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया गया। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन के निर्देश पर बिहार के सीमावर्ती और हाईवे से सटे सात थानों के पुलिसकर्मियों पर यह कार्रवाई की गई है। शुक्रवार भोर तक सभी पुलिसकर्मियों की पुलिस लाइंस में आमद भी करा ली गई।
गोरखपुर के पिपराइच में छात्र की हत्या के कनेक्शन तस्करों से जुड़ने और कुशीनगर में इनके पकड़े जाने पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश की रिपोर्ट पर पुलिस कप्तान संतोष कुमार मिश्र को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया जा चुका है। डीजीपी ने एडीजी और डीआईजी को पशु तस्करी पर कार्रवाई में लापरवाह पुलिसकर्मियों की भी जांच के लिए निर्देश दिए थे।
बृहस्पतिवार को डीआईजी डॉ. एस चनप्पा ने रामकोला और कप्तानगंज क्षेत्रों में जांच की तो कसया, पटहेरवा क्षेत्र होते हुए एडीजी मुथा अशोक जैन भी यूपी बिहार बाॅर्डर पर पहुंचे। इस दौरान अफसरों ने सिस्टम के सुराख भी तलाशे।
सूत्रों के अनुसार गोपालगंज के तस्कर के पास से मिली कॉल लॉग और डायरी की अंदरूनी जांच के बाद सूची बनी तो एडीजी तक हाईवे और सीमावर्ती थानों से जुड़े थानाध्यक्षों, वरिष्ठ उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक सहित कुल 25 पुलिसकर्मियों का नाम पहुंचा।
एडीजी ने तत्काल प्रभाव से सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने के लिए कुशीनगर के एएसपी निवेश कटियार को निर्देश जारी कर दिए। इसमें कसया थानाध्यक्ष अमित शर्मा और तमकुहीराज थाने के इंचार्ज सुशील कुमार शुक्ला का नाम प्रमुख था।