फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: शहर में 42 हजार भवन सिर्फ 22 हजार जमा करते हैं कर, 4 हजार तो 13 वर्ष से नहीं जमाकर रहे कर

Fri, 19 Apr 2024 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

वित्तीय वर्ष 2022-23 में महज 50 प्रतिशत कर जमा होने पर कर निर्धारण अधिकारी बिफरीं
नगर पालिका के चारों राजस्व निरीक्षक से पूछा स्पष्टीकरण, वेतन आहरण पर लगवाई रोक
कर निर्धारण अधिकारी ने शहर के चार हजार भवन ऐसे जो 13 वर्ष से नहीं जमा कर रहे कर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका क्षेत्र में करीब 42 हजार भवन हैं। इस वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो महज 22 हजार लोग ही अपने मकान का टैक्स जमा किए हैं। इसके चलते नगर पालिका हर बार अपने लक्ष्य से पीछे रह जाता है। करीब 20 हजार ऐसे मकान है, जिसका टैक्स नहीं जमा हुआ है। वहीं, शहर में 4000 हजार के करीब ऐसे मकान चिह्नित हैं, जिनका वर्ष 2012 से मकान का टैक्स नहीं जमा है। इससे नगर पालिका को प्रतिवर्ष कम से कम लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
पिछले 13 सालों में पालिका को करोड़ों का नुकसान का अनुमान है। नागरिकों का टैक्स बोझ कम करने के लिए नगर पालिका की बोर्ड तरह-तरह का ऑफर भी मुहैया कराती है। इसके बाद भी टैक्स वसूली में नगर पालिका काफी पीछे है। इसे गंभीरता से लेते हुए कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने नगर पालिका के चारों राजस्व निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। उनसे तीन दिन के अंदर जवाब देने की बात कही। जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखने की चेतावनी दी है। साथ ही चारों राजस्व निरीक्षकों का वेतन भी जवाब नहीं देने तक अवरुद्ध करवा दिया है।
विज्ञापन

अपने पत्र में कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 समाप्त हो चुका है यदि पूरे वर्ष का विश्लेषण किया जाय तो नगर पालिका के चारों राजस्व निरीक्षकों ने न ही करारोपण पर ध्यान दिया गया और न ही कर की वसूली पर। जिसके चलते सिर्फ 50 प्रतिशत ही कर वसूली हुई है।
42,000 भवन पूरे शहर में, 22,000 से लिया जाता है कर
कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि जीआईएस
सर्वे में लगभग 42,000 भवन पूरे शहर में पाए गये थे। इसमें 22,000 पर कर लिया जाता है जो पालिका अभिलेखों में दर्ज है। शेष 20000 भवन करारोपण की कार्रवाई से बचे हैं। पुराने भवनों, जिसमें 22,000 दर्ज हैं, में से 4000 भवन जीरो-जीरो हैं। उन पर 2012 से आज तक स्वकर नहीं लगाया गया। स्पष्टीकरण में उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षकों की लापरवाही से अब तक पालिका को करोड़ों की क्षति हुई है। कई बार कहने के बावजूद राजस्व निरीक्षक दीपक पति तिवारी, हिमांशु गुप्ता, विनय कुमार सिंह व आदर्श त्रिपाठी ने कर निर्धारण की कार्रवाई नहीं की। इसके चलते इस बार सिर्फ 50 प्रतिशत ही करारोपण की कार्रवाई हो सकी है।
उन्होंने चारों राजस्व निरीक्षक से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष को इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपने स्तर से शासन को पत्र भेजने की बात कही। साथ ही अधिशासी अधिकारी से जब तक उक्त स्पष्टीकरण का जवाब इन लोगों द्वारा नहीं दिया जाता, तब तक इनके वेतन आहरण पर रोक लगाने बात कही है।

4000 मकान नहीं देते टैक्स, प्रतिवर्ष 14 करोड़ रुपये की हो रही क्षति
नगर पालिका क्षेत्र में 2012 से 4000 हजार लोग अपने मकान का टैक्स नहीं जमा कर रहे हैं। इससे नगर पालिका को प्रतिवर्ष कम से कम 14 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। पिछले तेरह सालों में पालिका को करोड़ों रुपये का नुकसान का अनुमान है। कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने बताया कि जो सूची मेरे पास है, उसमें करीब 4000 जीरो-जीरो भवनों पर करारोपण किया गया है। अब पुनः कंप्यूटर विभाग द्वारा जो सूची प्राप्त हुई है, उसमें 4000 भवन जो दर्ज हुए थे वो कंप्यूटर से हटा दिये गये हैं। उन्होंने चारों राजस्व निरीक्षकों से तीन दिन के अन्दर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजकर कर्मियों के कार्य आवंटन की शिकायत
देवरिया। कर निर्धारण अधिकारी ने बिना सूचना दिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों का कार्य आवंटन किया गया है। उन्होंने ईओ पर बिना विभागीय अधिकारियों से विचार-विमर्श किए कार्य आवंटन करने की बात कही। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को पत्र भेज इस मामले से अवगत कराया है। कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने कहा कि मेरे संज्ञान में आया है कि जिन भवनों का करारोपण कम्प्यूटर में दर्ज करा दिया गया गया था। इसकी संख्या लगभग 4000 थी। किसके आदेश से किया गया, जबकि मेरे संज्ञान में लाया ही नहीं गया और पुनः उक्त भवनों का डाटा कम्प्यूटर से समाप्त कर दिया गया है। इसके चलते पालिका को इस वित्तीय वर्ष में 14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


कोट
इस संबंध में ईओ अंकिता शुक्ला ने कहा कि मकान टैक्स वसूली की जहां तक बात है मैं एआरवी में दिखा रही हूं। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, कर निर्धारण अधिकारी के आरोप पर उन्होंने कहा कि किसी भी बैठक में वह नहीं आती हैं। उनके कार्यालय आने की समयसीमा भी निर्धारित नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें