देवरिया। बालिका गृहकांड के सात आरोपियों की जमानत मंगलवार को खारिज कर दी गई। अपर जिला जज प्रथम गजेेंद्र कुमार ने मंगलवार को यह आदेश दिया। मुख्य आरोपी गिरिजा त्रिपाठी ने जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन नहीं दिया था। पांच अगस्त की रात को बाल गृह बालिका में छापेमारी कर तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने 23 लड़कियों को निकाला था। संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन त्रिपाठी, बेटी और अधीक्षिका कंचनलता त्रिपाठी पर केस दर्ज किया। मामला चर्चित होने पर शासन ने एसआईटी जांच का आदेश दिया। एसआईटी की विवेचना के दौरान तमाम और लोगों के नाम प्रकाश में आए। जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के लिए चालान किया गया। सभी जेल में बंद हैं। आरोपी मोहन त्रिपाठी, कंचनलता त्रिपाठी, संजीव, हयात अफरोज, चंद्रहास यादव, योगेंद्र दुबे और प्रदीप तिवारी ने मंगलवार को जमानत के लिए अपर जिला जज प्रथम के न्यायालय में आवेदन दिया था। सुनवाई के बाद अपर जिला जज गजेंद्र कुमार ने सभी की जमानत खारिज कर दिया।