देवरिया। राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम चश्मा, लेंस की सप्लाई देने वाली फर्म और तीन निजी संस्था का 55.32 लाख बकाया है। तीन साल से भुगतान के लिए विभाग का चक्कर फर्म मालिक लगा रहे हैं। इसके चलते इस बार दो निजी संस्था कार्यक्रम में काम नहीं कर रही हैं। पांच अक्टूबर से शुरू हुए राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम को आपसी खींचतान में पहले दिन झटका लग गया। इसके चलते शिविर में होने वाले मोतियाबिंद का ऑपरेशन तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। वर्ष 2014-15 में 5.74 लाख, 2015-16 में 35.11 लाख और 2016-17 में 14.46 लाख बकाया है। बकाया के कारण दो निजी संस्थान के डायरेक्टरों ने शिविर लगाकर मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने से हाथ खींच लिया। इसके चलते अंधता नियंत्रण कार्यक्रम में तेजी नहीं आ रही है। इसको लेकर जिम्मेदार भी गंभीर नहीं है। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि धन की कमी के चलते भुगतान रुका हुआ है। धन अवमुक्त होते ही बकाया भुगतान कर दिया जाएगा।