फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

द्रपुर के 116 गांवों पर और गहराया बाढ़ का संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रपुर। बाढ़ प्रभावित दोआबा और कछार के 116 गांवों पर बाढ़ का संकट और गहराने लगा है। रविवार को राप्ती और गोर्रा नदी में उफान जारी रहा। दोनों नदियों की रफ्तार और तेज हो जाने से प्रशासन की सांस अटकी हुई है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर पहुंच गया है। राप्ती नदी तिघरा गांव के पास तेजी से कटान कर रही है। गोर्रा नदी जिगिनिहवा और भुसवल के पास खतरनाक ढंग से बंधे को काट रही है। जलस्तर में ठहराव नहीं होने से दोआबा और कछार की तीन लाख आबादी पर बाढ़ विभीषिका का खतरा हर पल बढ़ता जा रहा है। प्रशासन को कटान स्थलों पर बांध बचाने में पसीना छूट रहा है। बंधों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ताकत झोक दी है, लेकिन कम ऊंचाई के जमींदारी बांध को बचाना बड़ी चुनौती बन गई है। गोरखपुर और देवरिया जनपद की सीमा पर बने बंधों पर गांव के लोग रातभर पहरा दे रहे हैं। गोरखपुर में बांध कटने से फैल रहे पानी को रविवार की देर रात तक बेलवा के जमींदारी बांध से टकराने की आशंका जताई जा रही है। गोरखपुर जिले का बरही बांध कटने से पानी देवरिया जनपद की सीमा से टकराएगा। ऐसे में तिघरा बेलवा के जमींदारी बांध से पानी के ओवरफ्लो करने की आशंका है। एहतियात के तौर पर प्रशासन की ओर से हर गांवों में नाव का इंतजाम किया जा रहा है। यहां से पानी फैला तो दोआबा के 52 गांव जलप्लावित हो जाएंगे। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि स्थिति पर हर पल नजर बनी हुई है। कमजोर बंधों की सुरक्षा में प्रशासन ने ताकत झोंक दी है। आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें