मेडिकल कॉलेज के पांच ऑक्सीजन प्लांट में दो खराब
एमसीएच का कोविड अस्पताल खत्म, तीस बेड का वार्ड बनाने की कवायद
सलेमपुर सीएचसी में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट अब तक नहीं हुआ है शुरू
कोविड की बढ़ाई जा रही जांच, सहेजे जा रहे संसाधन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोविड को लेकर जनपद में पहले की गई व्यवस्था ढीली हो गई है। एमसीएच विंग में कोविड मरीजों के लिए बने एल-वन अस्पताल को समाप्त कर दिया गया है। जांचें भी कम हो गईं हैं। अब शासन के निर्देश पर जहां जांच बढ़ाई जा रही है, वहीं, संसाधन सहेजे जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में तीस बेड का वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। पूरे जनपद में आठ ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। जिनमें मेडिकल कॉलेज में स्थापित पांच में से दो प्लांट खराब हैं। सलेमपुर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट अभी शुरू नहीं हुआ है। जनपद के सीएचसी-पीएचसी पर कोरोना मरीजों के लिए करीब डेढ़ सौ बेड तैयार हैं।
कोविड के मरीज मिलने बंद होने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चुस्त हो गया। संसाधन को लेकर भी जिम्मेदार निश्चिंत हैं। मेडिकल कॉलेज से एमसीएच विंग में स्थापित कोविड अस्पताल को समाप्त कर महिला अस्पताल को शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में अगर मरीज को भर्ती करना पड़े तो इस समय स्वास्थ्य विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। देश के कुछ प्रदेशों में कोविड के मरीज मिलने और शासन के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। जनपद में कोविड जांचें बढ़ाई जा रही हैं। वहीं, संसाधनों को क्रियाशील करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। तकरीबन एक हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर हैं, जिसे सीएचसी व पीएचसी को उपलब्ध करा दिया गया है।
रुद्रपुर में 30 व पिपरा दौलाकदम सीएचसी में 50 बेड की है सुविधा
देवरिया। रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट लगा हुआ है। कोरोना संक्रमितों की भर्ती के लिए 30 बेड का अलग से वार्ड बनाया गया है। अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार से सीएचसी में कोरोना जांच शुरू कर दी गई है। देसही देवरिया ब्लॉक क्षेत्र के पिपरा दौलाकदम सीएचसी पर कोविड संक्रमण से बचाव के दूसरी लहर में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। प्लांट क्रियाशील है। जेनरेटर न होने से बिजली रहने पर ही चलता है। ऑक्सीजन सिलिंडर भी पर्याप्त मात्रा में है। इसके अलावा ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर भी है। यहां एक कोविड वार्ड का भवन बनकर तैयार है। अभी बेड की व्यवस्था नहीं की गई है। पहले से की गई अतिरिक्त व्यवस्था चल रही है। बीपीएम अमित गुप्ता ने बताया कि जांच की जा रही है।
सीएचसी जसुई व बरहज में नहीं है ऑक्सीजन प्लांट
सीएचसी जसुई में ऑक्सीजन प्लांट लगना था, लेकिन नहीं स्थापित हुआ है। पीएचसी भाटपाररानी में कोविड संक्रमितों की भर्ती के लिए छह बेड तैयार है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भाटपाररानी डॉ. इमाम हुसैन सिद्दीकी ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर आठ से दस बेड और बढ़ाया जा सकता है। पीएचसी पर कोरोना संक्रमितों की जांच चल रही है। दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बरहज में 20 बेड का वार्ड बनाया गया है। ऑक्सीजन प्लांट नहीं है। आधा दर्जन ऑक्सीजन सिलिंडर हैं।
सलेमपुर में नहीं शुरू हुआ प्लांट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर में ऑक्सीजन प्लांट लगाकर छोड़ दिया गया है। उसे अभी चालू नहीं किया गया है। कोरोना संक्रमितों की भर्ती के लिए 30 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। यहां 30 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि कोरोना की जांच की जा रही है।
सीएचसी गौरीबाजार में है 74 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरी बाजार में ऑक्सीजन प्लांट नहीं है। यहां सबसे अधिक 74 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर उपलब्ध है। इसके अलावा चार जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर, 12 सिलिंडर उपलब्ध है। कोरोना मरीजों की भर्ती के लिए कुल 12 बेड, दो बेड का आईसीयू, एक मिनी वेंटिलेटर उपलब्ध है। एंटीजन व आईटीपीआर जांच हो रही है। सीएचसी प्रभारी डॉ. बीएन गिरि सहित स्वास्थ्य कर्मी मॉस्क लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
लार में बीस बेड का है पीकू वार्ड
लार। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार में बीस बेड का पीकू वार्ड स्थापित किया गया है। यहां बाईपैप मशीन, दो वेंटिलेटर, 50 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर उपलब्ध है। कोरोना को देखते हुए अस्पताल में अलर्ट है।
जिले में है आठ ऑक्सीजन प्लांट
मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में एक-एक हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) क्षमता का दो ऑक्सीजन प्लांट हैं, महिला अस्पताल परिसर में एक हजार लीटर का एक प्लांट है, जो चालू है। जबकि एक 85 एलपीएम तथा जिला पुरुष अस्पताल में पांच सौ एलपीएम का एक प्लांट खराब है। सीएचसी रुद्रपुर व पिपरा दौला कदम में पांच-पांच सौ एलपीएम क्षमता का एक-एक प्लांट क्रियाशील है। सलेमपुर में लगा प्लांट अभी शुरू नहीं हो सका है।
मेडिकल कॉलेज में 30 बेड का वार्ड बनाने की कवायद
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में कोविड को देखते हुए तीस बेड का कोविड वार्ड बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल के निर्देश पर मेल मेडिकल वार्ड को नए ओपीडी भवन में शिफ्ट करने के कार्य में तेजी आई है। बृहस्पतिवार को प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचके मिश्रा, रेडियोलाजिस्ट डॉ. टीएन झा के साथ नए भवन के प्रथम तल पर बने वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई व कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। यहां शिफ्ट होने के बाद पुराने भवन के तीन बेड के मेल मेडिकल वार्ड को कोविड वार्ड बनाया जाएगा। यहां 50 वेंटिलेटर, पांच बाईपैप, पांच सीपैप, पांच एचएएफएनसी, 50 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर हैं।
कोविड जांच बढ़ाने के दिए गए निर्देश
देवरिया। कोविड को देखते हुए सीएमओ डॉ. राजेश झा ने सभी सीएचसी, पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक की है। उन्होंने संभावित लक्षण मिलने पर जांच बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं। कहा है कि जनपद में कम से कम तकरीबन आठ सौ आरटीपीसी तथा पांच सौ एंटीजन जांच हर रोज कराई जाए।
13 लाख लोगों ने नहीं ली है एहतियाती डोज
जनपद में अठारह वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण का लक्ष्य 22,90,231 निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 23,31,227 लोगों ने द्वितीय डोज लगवाई थी, लेकिन 9,68,420 लोगों ने ही एहतियाती डोज ली है। ऐसे में करीब 13.62 लाख लोगों ने एहतियाती डोज नहीं लगी है।
आउटसोर्सिंग कर्मी हटने से बंद हुए केंद्र
कोरोना काल में तेजी से जांच की जा रही थी। इसके लिए आउटसोर्सिंग से लैब टेक्नीशियन व ऑपरेटर रखे गए थे। इसके बाद मरीजों के न मिलने पर कर्मचारियों को हटा दिया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों को छोड़ कर अन्य केंद्र बंद कर दिए गए।
कोविड वार्ड की बनाया जा रहा है। ऑक्सीजन, दवा व अन्य संसाधन आदि की व्यवस्था है। जांच के इंतजाम किए गए हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी सीएमएस
जनपद के सभी सीएचसी व पीएचसी के प्रभारियों को कोविड जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश से आने वालों की जांच भी जल्द शुरू कराई जाएगी। ऑक्सीजन प्लांटों व उपकरणों को क्रियाशील किया जा रहा है। कोविड को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मास्क लगाने के साथ कोविड प्रोटोकाल का पालन करें। जिन्होंने एहतियाती डोज नहीं लगवाई है, वह लगवा लें।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ