खामपार थाना क्षेत्र के बंगरा बाजार के लोहारी बारी स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपार रानी/खामपार। खामपार थाना क्षेत्र के बंगरा बाजार-हरेराम चौराहा मार्ग पर लोहारी बारी स्थित पेट्रोल पंप के पास बृहस्पतिवार की शाम दो बाइक की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई। एक युवक घायल हो गया। भाटपाररानी अस्पताल से उसे सदर अस्पताल भेज दिया गया।
श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के सिसवनिया गांव निवासी अशोक कुशवाहा (35) पुत्र रामनरेश कुशवाहा अपने गांव के जयकिशन शर्मा (25) पुत्र मुंशी वर्मा के साथ बाइक से बंगरा बाजार से शाम को घर लौट रहे थे। वह लोहारी बारी पेट्रोल पंप के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रहे बाइक सवार अर्जुन यादव (30) पुत्र मंगरू यादव निवासी नोनार कपरदार थाना खामपार से आमने-सामने की टक्कर हो गई
तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पहुंचे और सभी घायलों को पीएचसी भाटपाररानी पहुंचाए, जहां डॉक्टरों ने अर्जुन और जयकिशन को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अशोक कुशवाहा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी होने पर परिजन भाटपाररानी पीएचसी पहुंच गए और अशोक को घर वाले जिला अस्पताल लेकर चले आए। घटना के बाद परिजनों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया था।
थानाध्यक्ष खामपार दीपक कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई है। गंभीर रूप से घायल एक युवक को जिला अस्पताल भेजा गया है।
हेलमेट लगाए होते तो शायद बच जाती जान
भाटपाररानी। बाइक चला रहे अर्जुन और जयकिशन दोनों ने हेलमेट नहीं लगाया था। घटना के बाद अस्पताल पहुंचे लोगों और पुलिस कर्मियों को दोनों की मौत का दुख था, लेकिन सभी की जुबान से यही निकल रहा था कि काश ये हेलमेट लगाए होते तो इनकी जान बच जाती। कारण यह कि दोनों की मौत सिर पर चोट लगने की वजह डॉक्टरों ने बताई। संवाद
विदेश से तीन माह पहले घर आए थे अर्जुन
भाटपाररानी/खामपार। नोनार कपरदार गांव निवासी अर्जुन यादव विदेश में काम करते थे। वह तीन माह पहले घर आए थे। उन्हें दो लड़कियां हैं। इसमें रूपाली (4), सुनीता (2) की है। घटना के बाद नाबालिग बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी सरिता बेसुध पड़ी थीं। संवाद
घर का दुलारे बेटे थे जयकिशन
भाटपाररानी/खामपार। जयकिशन ने लोहारी बारी के पास बाइक मरम्मत की दुकान खोल रखी थी। शाम को दुकान बंद करने के बाद वह घर जा रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर पहुंचने से पहले रास्ते में मौत खड़ी है। वह अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। चार बहनें हैं। दुलारे बेटे की मौत के बाद पिता मुंशी शर्मा का तो रो-रोकर बुरा हाल हो गया था, क्योंकि बेटे से बड़ी उम्मीद थी वह परिवार का भरण-पोषण करते थे। संवाद