रुद्रपुर गौरीबाजार मार्ग पर देर रात हुई घटना
भृगुसरी और इमिलिहा गांव के निवासी है मृतक
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। गौरी बाजार-रुद्रपुर मार्ग पर मंगलवार रात हुए अलग-अलग सड़क हादसों में क्षेत्र के दो युवकों की मौत हो गई। घटना मंगलवार की देर रात हुई। बस और ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवारों ने दम तोड़ दिया। हादसे में पहला मृतक भृगुसरी और दूसरा इमिलिहा गांव का रहने वाला है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं लगाया था। हादसे के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई।
भृगुसरी गांव के रहने वाले दीपक निषाद (28) गौरीबाजार क्षेत्र के खरोह चौराहे पर सहज जन सेवा केंद्र और मोबाइल की दुकान चलाते थे। मंगलवार की रात दुकान पर काम अधिक होने के कारण वह घर के लिए देर से निकले। रात करीब 11 बजे रामलक्षन चौराहे के निकट सामने से आ रहे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। ट्रक का पहिया सिर पर चढ़ने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
दूसरी घटना में इमिलिहा गांव के रहने भीम यादव (29) अपने दोस्त वीरेंद्र यादव निवासी पचमा को छोड़ कर रात करीब दस बजे घर लौट रहे थे। रुद्रपुर-गौरीबाजार मार्ग स्थित दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के सामने बाइक सवार को गोरखपुर की तरफ से लौट रही एक बस ने टक्कर मार दी। वह सड़क पर गिर कर लहूलुहान हो गया। घायल को राहगीर उपचार कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
साइड स्टोरी
गांव में पहुंची मौत की खबर से मची चीख-पुकार
फोटो समाचार।
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। रात में सड़क हादसे में मरे दोनों युवकों की मौत की खबर जब उनके गांव में पहुंची, तो अचानक सन्नाटे भरी रात में चीख-पुकार मच गई। गांव के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। परिवार के कमाऊ सदस्य को खोकर बेहाल परिजनों की चीत्कार से मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
क्षेत्र के भृगुसरी गांव के भोजपुर टोला के दीपक निषाद पिता की मौत के बाद मोबाइल की दुकान खोलकर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रखे थे। दो साल से वह सहज जनसेवा केंद्र भी चलाने लगे, तो परिवार की स्थिति सुधरने लगी। वह दो भाइयों में बड़े थे। चार साल पहले उसकी शादी पार्वती से हुई। इससे एक डेढ़ साल का और एक गोद में बेटा है। दीपक के मरने की खबर सुनकर पत्नी बदहवास होकर घटना स्थल पर पहुंची। वह खून से लथपथ पड़े पति के शव को देखकर बेहोश हो गई। बहन और भाई शव से लिपट कर रोने लगे। परिजनों की चीख से पूरा माहौल गमगीन हो गया। दूसरे हादसे में जान गंवाने वाले भीम यादव गाड़ी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। शाम को कहीं से लौटे दोस्त को बाइक से छोड़ने वह उनके घर पचमा चले गए। लौटते समय बस की चपेट में आने से मौत हो गई। जवान बेटे के मरने की खबर सुनकर मां ज्ञानमती बेसुध हो गईं। तीन साल पहले भीम की शादी ज्योति से हुई थी। ज्योति पति की मौत पर बेजार होकर रोने लगीं। भृगुसरी और इमिलिहा गांव में रात में दोनों युवकों की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। परिजनों को रोते-बिलखते देखकर हर कोई घटना को लेकर नियति को कोस रहा था।