शहीद जगदेव की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद कुशवाहा समाज के लोग।
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देवरिया। देवरिया खास स्थित बुद्ध मंदिर में शहीद जगदेव की जयंती मनाई गई। शुक्रवार को अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने शहीद जगदेव को दलितों-शोषितों का मसीहा बताया। सबसे पहले उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाया गया। उनके संघर्षों, सामाजिक कार्यों, राजनीतिक सफर और आंदोलनों पर चर्चा की गई। महासभा के राष्ट्रीय सचिव अगम स्वरूप कुशवाहा ने कहा कि जगदेव बाबू दलित, शोषितों के मसीहा, समाज सुधारक, कुशल प्रशासक और राजनीतिक योद्धा थे। वह ऊंचनीच, छुआछूत, अंधविश्वास, चमत्कार पर की जगह विज्ञान एवं तर्क पर आधारित समता मूलक, मानवतावादी समाज की स्थापना के पक्षधर थे। उन्हें भारत का लेलिन कहा जाता था। उन्होंने देश में सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार क्रांति की रणनीति तय की। सुनील कुशवाहा ने कहा कि जगदेव जिला जहानाबाद के कुरहारी गांव में दो फरवरी-1922 को जन्मे थे। उनका इतिहास सामंतवादी ताकतों के खिलाफ संघर्षमय रहा। संजय कुशवाहा ने कहा कि नव चेतना के नायक जगदेव ने कहा था कि चेतना से ही स्वतंत्रता का उदय होगा। जब व्यक्ति स्वतंत्र हो जाता है, तभी अधिकार की मांग करता है। पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा ने कहा कि जगदेव बाबू पटना विश्वविद्यालय से एमए करने के बाद पटना सचिवालय में नौकरी की लेकिन कुछ दिनों के बाद नौकरी छोड़ दी। इस दौरान एसएन कुशवाहा, रामविलास कुशवाहा, रामप्रीत कुशवाहा, भंते आनंद सागर, हरिनारायण कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा आदि मौजूद रहे।