लार कांड प्रकरण में एसपी से मिलने के बाद निकलते भाजपा नेता
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देवरिया। तीन साल पूर्व मूर्ति विसर्जन के दौरान लार में हुए बवाल में आरोपी बनाए गए बेगुनाहों का नाम मुकदमे से हटाने के लिए भाजपा नेता एसपी से मिले। घटना के समय तैनात एसओ अंशुमान यदुवंशी पर प्रतिशोध में कार्रवाई करने का आरोप लगाया। एसपी ने फर्जी तरीके से केस में फंसे हुए लोगों को न्याय का आश्वासन दिया। वर्ष 2016 में दुर्गा पूजा के दौरान लार में नारियल फोड़ जुलूस के दौरान बवाल हो गया था। इसमें पुलिस ने हियुवा नेता अरुण सिंह और इनके दोनों बेटे समेत दर्जनों लोगों पर केस दर्ज किया। इसके बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान मेहरौना में दंगा हो गया। सभी मामलों में पुलिस ने 16 केस अलग-अलग धाराओं में दर्ज करते हुए सैकड़ों लोगों को आरोपी बनाया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष जयनाथ कुशवाहा के साथ एसपी से मिलकर अरुण सिंह ने कहा कि पूर्व थानेदार अंशुमान यदुवंशी की लापरवाही से लार और मेहरौना में बवाल हुआ था। प्रतिशोध में एसओ ने अफसरों को गुमराह कर दर्जनों निर्दोष लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसा दिया। इस कारण आज सभी लोग परेशान हैं। मुकदमे की पुन: विवेचना कराने और निर्दोषों को बरी करने की मांग की। इस बाबत एसपी एन कोलांची ने बताया कि पूर्व में दर्ज मुकदमों की विवेचना जारी है, निर्दोष लोग कत्तई नहीं फंसेंगे।