जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव।
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देवरिया। दीपक मणि अपहरण कांड में करीब एक माह पूर्व जमानत पर रिहा हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव अब वित्तीय अनियमितता के मामले में फंस गए हैं। डीएम की ओर से कराई गई प्राथमिक जांच में उनके ऊपर लगे आरोप सही पाए गए हैं। शासन ने उन्हें नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब देने को कहा है।
शहर के देवरिया खास निवासी दीपक मणि का अपहरण कर करोड़ों की जमीन बैनामा कराने के मामले में जेल जाने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव की शक्तियां छिन गई हैं। जेल से रिहा होने के बाद से वह अपने अधिकार वापस पाने की कोशिश में लगे हुए हैं। जोड़-तोड़ और सियासी जुगाड़ के बावजूद अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है। इन सबके बीच, भाजपा के प्रदेश वक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने डीएम अमित किशोर से रामप्रवेश यादव के खिलाफ अनियमितता की शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने प्राथमिक जांच कराई तो आरोप सही मिले।
रामप्रवेश पर जिला पंचायत की नियमित बैठक न बुलाने, जिला पंचायत समिति का कार्यकाल खत्म होने के बाद पुनर्गठन न करने, जिला पंचायत बैठक की कार्रवाई पर सक्षम अधिकारी का हस्ताक्षर न कराने, अध्यक्ष के उपयोग को रखे गए वाहन को अधिक किराए का भुगतान करने के आरोप लगे हैं। साथ ही उन पर जनसेवा संस्था के नाम पर आवंटित जिला पंचायत आवास का नियम को दरकिनार कर मरम्मत व निर्माण कराने का भी आरोप है। इस मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितता की बात कही गई है। डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दिया है। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव जितेंद्र बहादुर सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष को तीन बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है। तय समय में जवाब नहीं देने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।