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कोचिंग में सीट के विवाद पर छात्र को पीटा, फिर बाइक चढ़ाकर मार डाला

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रंजीत सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया/बरियारपुर। कोचिंग सेंटर में सीट पर बैठने को लेकर 12वीं के छात्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। क्रूरता की हदें पार करते हुए मनबढ़ों ने बेहोश छात्र के पेट और सिर पर बाइक चढ़ा दी। कोचिंग सेंटर संचालक भाग खड़ा हुआ। स्थानीय लोगों ने हमला करने वाले एक छात्र को पकड़ लिया। उसकी जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। सदर कोतवाली के माड़ीपार गांव निवासी प्रमेंद्र यादव मालीबारी में कोचिंग सेंटर चलाते हैं। खुखुंदू थानाक्षेत्र के बंजरिया शुक्ल गांव निवासी 12वीं का छात्र रंजीत सिंह (17) पुत्र विजय प्रताप सिंह गणित और भौतिक विज्ञान की कोचिंग करने आता था। दो-तीन दिन से सीट पर बैठने को लेकर अहिल्यापुर गांव के कुछ छात्रों से उसका विवाद चल रहा था। शनिवार की सुबह सवा सात बजे के करीब रंजीत कोचिंग सेंटर पहुंचा। सीट पर बैठने को लेकर अहिल्यापुर गांव के रहने वाले पांच मनबढ़ छात्रों ने उसकी पिटाई कर दी। यह देखकर कोचिंग सेंटर का संचालक भाग निकला। मनबढ़ छात्रों ने रंजीत की इस कदर पिटाई किया कि वह बेहोश हो गया। इसके बाद उसके पेट और सिर पर बाइक चढ़ा दी। बचाने गए कुछ छात्रों को भी पीटा गया। स्थानीय लोगों ने मनबढ़ छात्रों को दौड़ा लिया। चार तो भागने में सफल रहे, लेकिन अहिल्यापुर के रहने वाले एक छात्र की जमकर धुनाई की। सूचना पर पहुंची पुलिस को उसे सौंप दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सक ने रंजीत को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि सीट पर बैठने को लेकर छात्रों में विवाद था। रंजीत की पीट-पीटकर हत्या की गई है। एक छात्र को हिरासत में लिया गया है।
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बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था कोचिंग सेंटर
मालीबारी में संचालित कोचिंग सेंटर का रजिस्ट्रेशन नहीं था। छात्रों की संख्या अधिक और जगह कम होने के कारण बैठने को लेकर विवाद होता रहता था। चूंकि गणित और भौतिक विज्ञान विषय की यहां पढ़ाई होती है, इसलिए छात्रों की तादाद अच्छी खासी है। विवाद ने बड़ा रुख अख्तियार कर लिया और नतीजा यह हुआ कि रंजीत की जान चली गई।

माता-पिता गए हैं उपचार कराने, बेटे की हुई हत्या
खुखुंदू थानाक्षेत्र के बंजरिया शुक्ल गांव निवासी विजय प्रताप सिंह की चार बेटियां और दो बेटे थे। बेटों में बड़ा रंजीत पढ़ाई में काफी होनहार था। गुजरात में शुगर फैक्ट्री में नौकरी करने वाले विजय प्रताप इन दिनों घर आए थे। आंख में दिक्कत होने के कारण वह पत्नी गीता को लेकर एम्स (दिल्ली) गए हैं। बेटे की मौत की खबर सुनते ही वे लोग दहाड़ मारकर रोने लगे। घर पर मौजूद बहन जूली, काजल, खुशी, गुलशन और छोटा भाई सूरज सिंह का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग अचानक हुई इस घटना से हर कोई दुखी हैं। पिता विजय पाई-पाई जुटाकर उसे अच्छी तालीम दिला रहे थे।
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फूफा की तहरीर मुकदमा दर्ज
रंजीत सिंह के फूफा इंदिरानगर मोहल्ला निवासी ओपेंद्र कुमार राव की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने अहिल्यापुर गांव निवासी पांच छात्रों के खिलाफ बलवा, मारपीट और हत्या का केस दर्ज किया है। सदर कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि एक छात्र को हिरासत में लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

बचाने पहुंचे दो दोस्तों को भी दौड़ाया
छात्र रंजीत सिंह की हत्या करने वाले मनबढ़ों ने बचाने पहुंचे सहपाठी विकास गोंड निवासी आमघाट और विकास गोंड निवासी बेलवनिया को भी मारपीट कर घायल कर दिया। दोनों ने भागकर जान बचाई। पुलिस ने दोनों से पूछताछ कर घटना के बारे में जानकारी ली।
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