मेहरौनाघाट। नदियों में पानी बढ़ने से जर्जर बंधों की मरम्मत की पोल खुल गई। पुलिया से पानी का रिसाव होने से गांववालों की नींद उड़ गई है। दस एकड़ से अधिक किसानों की फसल पानी में डूब गई है। तहसीलदार ने सिंचाई विभाग के अफसरों को रिसाव रोकने का निर्देश दिया है। वहीं मेहरौना में डैमेज बंधे पर मिट्टी की भरने का काम शुरू कर दिया गया है। लार ब्लॉक के कौसड़ गांव से सटकर सरयू नदी प्रवाहित होती है। इधर दो दिन से लगातार नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। तहसीलदार के नेतृत्व में अफसर तटवर्ती गांवों का भ्रमण कर जायजा ले रहे हैं। रविवार को तहसीलदार जब कौसड़ गांव के सामने बंधे पर पहुंचे तो गांववालों ने रोक लिया। लोगों ने बंधे पर बनी पुलिया से पानी का रिसाव होने की बात कही। एक ही रात में करीब दस एकड़ से अधिक धान की फसल डूब गई है। तहसीलदार ने सिंचाई विभाग के अफसर को फोनकर इसकी जानकारी दी और जल्द से जल्द पानी का रिसाव बंद करने की व्यवस्था करने की बात कही। अगर वक्त रहते पानी का रिसाव बंद नहीं हुआ तो हालात बिगड़ सकती है। गांववालों का आरोप है कि आग लगने पर प्रशासन कुंआ खोदता है। अगर बंधों की मरम्मत बेहतर तरीके से हुई होती तो रिसाव नहीं होता। तहसीलदार ओमप्रकाश ने बताया कि सिंचाई विभाग को बता दिया गया है। जल्द ही बंधे पर काम शुरू हो जाएगा।