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जीएसटी के समर्थन और विरोध में व्यापारी

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देवरिया। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक जुलाई से लागू होनी है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। हालांकि व्यापारी वर्ग असमंजस में है। जीएसटी के नियमों की जानकारी नहीं दी जा रही है। केवल बड़े कारोबारियों को बताया जा रहा है। पम्फलेट तक वितरित नहीं हुआ है। 30 जून को बंदी के आह्वान पर व्यापारिक संगठनों की तरफ निगाहें हैं। हार्डवेयर कारोबारी नीरज ने कहा कि जीएसटी से ग्राहकों को सहूलियत मिलेगी। 30 जून को बंदी का निर्णय गलत है। सभी को नए कानून के लिए आगे आने की जरूरत है। दवा कारोबारी प्रेमचंद्र सिंह ने कहा कि नियमों की जानकारी नहीं है। वाणिज्य कर विभाग कोई जानकारी नहीं दे रहा है। स्टॉक को खत्म करने का दबाव है। मीडिल कारोबारियों के समक्ष मुश्किलें हैं। आलमारी और बॉक्स विक्रेता साजिद बारी ने कहा कि टैक्स की अधिकतम दर 28 प्रतिशत है, जो अव्यवहारिक है। इससे धंधा प्रभावित होगा। कागजी औपचारिकता बढ़ गई हैं। स्वर्ण कारोबारी विनय मिश्र ने कहा कि अधिकांश व्यापारी कम पढ़े-लिखे हैं। ऐसे में फाइलिंग में दिक्कत आ सकती है। बड़े कारोबारियों को जानकारी दी जा रही है जबकि मध्यम और छोटे कारोबारियों से कोई चर्चा तक नहीं की गई है। स्वर्ण कारोबारी योगेंद्र वर्मा ने कहा कि व्यापारियों में संशय है। कारोबारियों के साथ कोई मीटिंग नहीं हुई है। जीएसटी से महंगाई बढ़ेगी। ग्राहकों को जेब ढीली करनी होगी। कंप्यूटर-हार्डवेयर विक्रेता राकेश वर्मा ने कहा कि किस सामानों पर क्या दर है, इसे बताया नहीं गया है। कुछ ऐसे उत्पाद हैं जो हिडेन हैं। एक जुलाई से बिलिंग की समस्या खड़ी हो जाएगी। व्यापारी अभी तैयार नहीं हैं।
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