देवरिया। फाइलेरिया से बचाव को लेकर चलाए रहे एमडीए अभियान में अब तक 26.54 लाख लोगों ने खाई फाइलेरिया से बचाव की दवा खाई है। इसे लेकर कुछ लोगों में भ्रांतियां भी है, जिससे दवा खाने से इन्कार कर रहे हैं। जिले में 29812 लोगों ने दवा का सेवन करने से इन्कार किया है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग की टीम और फाइलेरिया नेटवर्क ने जागरूक कर और बीमारी की भयावहता के साथ दवा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए 14678 लोगों को दवा का सेवन कराया है।
फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी है। इसकी चपेट में आने से मरीज परेशान रहता है। बचाव ही इसका इलाज है। इस बीमारी के उन्मूलन को लेकर जिले में 28 अगस्त तक सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी व आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिला रही हैं। पर दवा को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं। जागरुकता के अभाव में कुछ लोग दवा खाने से परहेज कर रहे हैं। जबकि पांच साल तक वर्ष में एक बार दवा खाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
-
इनकार करने वाले परिवारों को दवा खिलाने में मदद कर रहा फाइलेरिया नेटवर्क, 363 लोगों को कराया सेवन
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग और फाइलेरिया नेटवर्क समूह के सदस्य फाइलेरिया की गंभीरता के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। अभियान में दवा खाने से इनकार वाले लोगों को नेटवर्क समूह बीमारी की गंभीरता के बारे में लोगों देने के साथ उन्हें दवा खाने के लिए राजी कर आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग कर रहा है। बनकटा ब्लॉक के फुलवरिया बगरुआ गांव के पंकज कुमार गुप्ता के घर आशा कार्यकर्ता ममता देवी फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने पहुंची तो उन्होंने व उनके परिवार ने दवा खाने से साफ इनकार कर दिया। बोले हमारे परिवार में किसी को फाइलेरिया नहीं है तो हम दवा क्यों खाएं। आशा कार्यकर्ता ने नेटवर्क सदस्य रविंद्र यादव को दी। वह पहुंचे और बीमारी से होने वाली जटिलता की जानकारी दी। इसके बाद दवा खाने को तैयार हुए परिवार के 13 सदस्यों को आशा कार्यकर्ता के सामने दवा खिलवाई।
बनकटा ब्लाक के ही सिकटिया गांव के धन्नू यादव के घर आशा कार्यकर्ता इंदू देवी पहुंचीं तो परिवार के लोगों ने इनकार कर दिया। नेटवर्क सदस्य विंध्याचल दूबे ने दवा के महत्व के बारे में बताया और अपने हाथी पांव को दिखाया। इसे बाद परिवार के दस सदस्यों ने दवा का सेवन किया।
इनकार कर रहे लोगों को जागरूक कर खिलाई गई दवा
जिला मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि ने बताया कि एमडीए अभियान में अबतक 26.54 लाख लोगों ने खाई फाइलेरिया से बचाव की दवा लोगों ने फाइलेरिया से बचाव की दवा खाई है। कुछ लोग जागरूकता के अभाव में दवा खाने से इनकार किए। बीमारी की भयावहता के बारे में बता तथा जागरूक कर 14678 लोगों को दवा का सेवन कराया गया है।