कमिश्नर ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया।
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देवरिया। कमिश्नर ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। लिपिकों की टेबलों पर अनेक खामियां मिलीं। कई अभिलेख अधूरे पाए गए। कई बाबू तो कमिश्नर के सवालों का जवाब भी नहीं दे सके। अलग-अलग विभागों की फाइलों को मंगाकर बारीकी से अवलोकन किया और जिम्मेदारों को सुधरने की हिदायत दी। बाढ़ पीड़ितों के लिए आया धन डंप होने पर खरीखोटी सुनाई। कमिश्नर अनिल कुमार शुक्रवार दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचे और लिपिक पारसनाथ यादव से फाइलों से भरी आलमारी को खोलने को कहा। ऑफिस की कोई भी जनरल फाइल दिखाने को कहा। वहीं राजस्व सहायक लिपिक रविंद्र प्रताप शाही से कोई भी पेंडिंग फाइल दिखाने को कहा लेकिन वह नहीं दिखा सके। तत्कालीन डीएम अबरार अहमद के कार्यकाल से जुड़ी फाइलों को लेकर आने को कहा। सिलिंग लिपिक के पास लंबित पत्रावलियों को देख नाराजगी जाहिर की। शस्त्र लिपिक के पास लाइसेंसी असलहा रिनीवल होने और लाइसेंस निरस्त होने का रजिस्टर नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल रजिस्टर बनाने को कहा और इसकी एक-एक कॉपी संबंधित थाने पर भेजने का निर्देश दिया। रुद्रपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावितों के लिए आए छह करोड़ में सिर्फ 3.25 करोड़ रुपये वितरण किया गया है। 2.75 करोड़ रुपये आपदा बाबू के पास डंप होने पर एडीएम सीताराम गुप्त को खरी खोटी सुनाई। राजस्व लेखागार में विभिन्न मद में बकाया 25 करोड़ की वसूली नहीं होने पर लापरवाही बताया। भू-लेखा लिपिक से अंश निर्धारण में कानूनगो पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली। बाबू ने बताया कि एक कानूनगो पर कार्रवाई हुई है। लेखपाल और कानूनगो के रिक्त पदों की जानकारी ली। इस दौरान डीएम सुजीत कुमार, एडीएम सीताराम गुप्त, सीआरओ मनोज कुमार, एसडीएम राकेश सिंह, तहसीलदार राहुलदेव भट्ठ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।