देवरिया। एपवा ने एंटी भूमाफिया के नाम पर मलिन बस्तियों को उजाड़ने की मंशा पर सवाल उठाया। इसके विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार न्यायालय के स्टे ऑर्डर का सम्मान करें, वर्ना योगी सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। डीएम को संबोधित मांगपत्र एडीएम वित्त एवं राजस्व सीताराम गुप्त को दिया। राघवनगर, डीएम आवास के पीछे झोपड़ पट्टी में कई परिवार रहते हैं। पीडब्ल्यूडी ने जमीन पर दावा किया है। इसे खाली कराने का नोटिस जारी किया है। इसके विरोध में मंगलवार को एपवा कार्यालय परिसर में मलिन बस्ती के निवासी एकत्र हुए। पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर एक बजे जुलूस की शक्ल में सिविल लाइंस में पहुंचे। सरकार और पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई का विरोध जताया। कहा कि योगी सरकार गरीबों की हमदर्द नहीं बल्कि अमीरों की है। एंटी भू माफिया के नाम पर परेशान किया जा रहा है। भू माफिया के साथ जनप्रतिनिधि और अफसरों के रिश्ते अच्छे हैं। अध्यक्ष गीता पांडेय ने कहा कि गांव और शहर में गलत तरीके से लोगों को जमीन से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वंचित तबके के लोगों की शरणस्थली है। ऐसे में उनके आश्रय स्थल को उजाड़ने की मंशा नाकाम कर दी जाएगी। प्रदर्शन में रामकिशोर वर्मा, श्रीराम कुशवाहा, प्रेमलता पांडेय, ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी, डॉ. चतुरानन ओझा, वीरेंद्र, छात्रनेता अरविंद गिरि आदि रहे।