जिले में 13.61 लाख लोगों ने नहीं ली बूस्टर डोज
पहली और दूसरी डोज लगने के बाद समय पूरा होने का कुछ कर रहे इंतजार
कोरोना को खत्म मान दो डोज लगवाकर कुछ कर रहे मनमानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विदेश के कुछ देशों में कोरोना के बढ़ते मामले तथा देश के कुछ प्रांतों में नए वेरिएंट के मरीज मिलने से चिंता बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग तैयारी करने में जुट गया है। जिले में अब तक 13.61 लाख लोगों को बूस्टर डोज नहीं लग पाई है। वहीं, विभाग के पास वैक्सीन की डोज भी कम है। ऐसे में कोविड का नया वेरिएंट आया तो वैक्सीनेशन में दिक्कतें आ सकती हैं।
कोविड संक्रमण कमजोर होने तथा मरीजों के नहीं मिलने के कारण लोग इस बीमारी को समाप्त मान बैठे थे। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बार-बार जागरूक करने के बाद भी लोग लापरवाह हो गए हैं। कुछ लोग वैक्सीन की दो डोज लगवाने के बाद समयावधि के कारण बचे हुए हैं तो कुछ मनमानी कर रहे हैं।
जनपद में कोविड से बचाव के लिए अब तक 26,87,844 से अधिक लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई। इसमें 18 वर्ष से ऊपर के लक्ष्य 22,90,231 के सापेक्ष 23,31,227 लोगों ने प्रथम तथा द्वितीय डोज लगवाई है। इसमें 9,69,278 लोगों ने प्रिकॉशन डोज लगवाई है। वहीं, 15 से 17 वर्ष उम्र के लक्ष्य 2,17,497 के सापेक्ष 2,24,797 तथा 12 से 14 वर्ष उम्र के लक्ष्य 1,31,355 के सापेक्ष 1,31,820 ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई है।
यह है वैक्सीन की स्थिति
देवरिया। जिले में कोविड से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन का स्टॉक कम हो गया है। इस समय तकरीबन तीन हजार वैक्सीन ही उपलब्ध है। इसमें कोवैक्सीन 1010 डोज बची है। इसमें 400 डोज 31 दिसंबर तथा 610 डोज 31 जनवरी को एक्सपायर हो जाएगी। वहीं, कोविशील्ड- 2830 डोज उपलब्ध है। इसकी वैधता 10 जनवरी तक ही है। जबकि 12 से 14 वर्ष तक को लगने वाली कार्बोवैक्सीन 12-14 समाप्त है।
कोविड से निपटने की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य महकमा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोविड के मद्देनजर स्वास्थ्य महकमा उससे निपटने की तैयारी में जुट गया है। इसे लेकर उपकरणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जांच बढ़ाने के साथ ही सामग्री स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई जा रही है। जिला सर्विलांस टीम स्थिति पर निगरानी रख रही है।
जनपद के सभी सीएचसी व पीएचसी पर मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने को कहा गया है। सीएमओ ने सीएचसी, पीएचसी के अलावा नगरीय क्षेत्र में स्थापित कोविड हेल्प डेस्क को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर आदि की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों को प्रतिदिन पांच-पांच सौ एंटीजन व आरटीपीसीआर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में स्थापित बीएसएल लैब-टू में आरटीपीसीआर सैंपल की जांच कर रिपोर्ट हर रोज की जाएगी। जनपद में स्थापित सात ऑक्सीजन प्लांट को क्रियाशील करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पहले से निर्धारित कोविड अस्पतालों को ठीक किया जा रहा है। आईसीसीसी को फिर से सक्रिय करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आवश्यक होने पर पहले गठित आरआरटी एवं निगरानी समितियों को भी सक्रिय किया जाएगा।
कोट
जनपद में वैक्सीन लगाई जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। कुछ वैक्सीन दिसंबर तथा कुछ जनवरी माह के अंत तक एक्सपायर हो जाएगी। केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वैक्सीन वैधता तिथि से पहले लगा दी जाए। जिले में अधिकतर लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगा दी गई है। ड्यू तिथि के अनुसार लोगों को एहतियाती डोज लगाई जा रही है।
-डॉ. सुरेंद्र सिंह, एसीएमओ व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
कोट
कोविड से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसे लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक कोई केस सामने नहीं आया है। जांच बढ़ा दी गई है। टीमों को चौकन्ना रहने को कहा गया है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है। मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। जिन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है, शीघ्र लगवा लें।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ