10 हजार से अधिक ने स्थायी लाइसेंस के लिए किया है आवेदन, मिलने से देरी हो रहे मायूस
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स्थायी डीएल पाने की आस में तीन महीने से लगा रहे एआरटीओ कार्यालय का चक्कर
- ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद भी आवेदकों के समय से नहीं हो रहे कार्य
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अमर उजाला पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परदेश जाकर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने की बेरोजगार युवकों की चाह पर परिवहन विभाग की लेटलतीफी रोड़ा अटका रही है। समय से ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने से करीब 10 हजार लोग परेशान हो रहे हैं। डीएल में चिप लगा होता है। विदेश से ही इसका आयात किया जाता है। इधर रूस-यूक्रेन में पिछले एक साल से युद्घ होने के कारण चयनित एजेंसी को यह चिप समय से नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में समय से इसे दे पाना संभव नहीं हो पा रहा है। आरआई प्रदीप यादव ने बताया कि स्मार्टकार्ड वाले चिप में संबंधित व्यक्ति का सारा डाटा होता है। इसकी मदद से उसके बारे में सभी जानकारी मिल जाती है।
बाहर जाकर अधिक रुपये कमाने की आस पर समय से नहीं मिलने से आवेदक परेशान हैं और इसे लेकर हर रोज कार्यालय आकर पूछताछ कर रहे हैं। मंगलवार को अमर उजाला ने पड़ताल किया तो इस समस्या को लेकर वह खुलकर बोले।
समय 1:00 बजे एकौना के राकेश शुक्ला ने बताया कि सऊदी अरब जाना है, वहां एक कंपनी में बात भी हो चुकी है। 15 फरवरी को ही स्थाई डीएल के लिए आवेदन कर दिया था। लेकिन अब तक स्मार्टकार्ड डीएल नहीं मिला है। कार्यालय में जाकर पूछने पर कोई सही स्थिति नहीं बता पा रहा है।
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समय 1.30 बजे
लार क्षेत्र के बलवा गौरी निवासी श्यामदेव विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें मलेशिया जाने के लिए वीजा और पास पोर्ट तैयार है। केवल डीएल के लिए रुका हूं। 22 फरवरी को स्थाई डीएल के लिए बायोमैटिक कराया था। दस ही दिन में मिल जाने की बात कही गई थी। कई दिन बीत गए, यहां आने पर कोई सही जवाब नहीं दे रहा है।
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पिछले साल नवंबर माह से ही शुरू हुई समस्या
तीन माह से परमानेंट डीएल स्मार्ट कार्ड की चाह रखने वाले आवेदकों के माथे पर अब चिंता की लकीरें दिख रही है। किसी का तीन तो किसी का दो माह से आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी होने व बायोमैट्रिक टेस्ट देने के बावजूद स्मार्ट कार्ड नहीं आया है। ऐसे में कई आवेदक यहां बार-बार आकर इस संबंध में पूछताछ कर रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं जिन्हें रोजगार के लिए विदेश या देश के ही किसी अन्य हिस्से में जाना है, और दो से तीन माह पहले सारी प्रक्रिया पूर्ण कर लेने के बावजूद भी विभाग से अनुबंध की हुई एजेंसी की लेटलतीफी के चलते उन तक डीएल नहीं पहुंच पाया है।
हेल्पलाइन नंबर भी कर दी गई बंद
डीएल आवेदकों की समस्याओं के समाधान के लिए स्मार्ट चिप कंपनी की ओर से हेल्पलाइन नंबर 18005723363 पिछले एक माह से यह काम नहीं कर रहा है। ऐसे में आवेदन करने वाले अपनी शिकायत भी समय से दर्ज नहीं करा पा रहे हैं।
मुख्यालय स्तर से ही जिस एजेंसी को डीएल प्रिटिंग के लिए दिया गया है, वह चिप के अभाव में समय से स्थायी डीएल नहीं दे पा रही है। उच्चाधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया है। प्रदेश स्तर पर यह समस्या बनी हुई है। इधर एजेंसी को कुछ चिप मिले हैं तो नवंबर व दिसंबर माह के आवेदकों के डीएल भेजे जा रहे हैं।
आशुतोष शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन