ब्यूरो / अमर उजाला पुवायां (शाहजहांपुर): भिलांवा के राजधानी पब्लिक इंटर कॉलेज में बीती रात पुलिस ने स्कूल के मैदान में जल रही चिता से प्रबंधक मनोज यादव की 16 साल की बेटी का अधजला शव बरामद किया। पति से विवाद के बाद शाहजहांपुर में रह रही प्रबंधक की पत्नी रेखा ने पुलिस को फोन किया था कि उसके पति ने उसकी बेटी शालिनी को मार दिया है और स्कूल में ही श्मशान बना दिया है। घटना के बाद मनोज फरार है, जबकि उसके पिता रामकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मनोज के पिता इसे स्वाभाविक मौत बता रहे थे लेकिन आनन फानन में रात को स्कूल में ही चिता क्यों जलानी पड़ी, इसका जवाब उनके पास भी नहीं था। मनोज यादव अपनी पत्नी की ओर से दायर जानलेवा हमले के मामले में जमानत पर रिहा है और स्कूल परिसर में ही ऊपर वाले हिस्से में अपने तीन बच्चों और पिता के साथ रह रहा था।
प्रबंधक की पत्नी ने बेटी को जहर देकर मारने का आरोप लगाया है इसलिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। किशोरी की मां हत्या की वजह अपनी तरफदारी करना बता रही है जबकि लोगों में चर्चा है कि बेटी के किसी लड़के से फोन पर बात करने को लेकर पिता नाराज था और इस कारण बेटी की पिटाई भी की गई थी।
मामले की पड़ताल कर रहे सीओ पुवायां अरुण कुमार ने बताया कि मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें मनोज के अलावा उसके पिता रामकुमार, भिलावां के ही शिव सिंह, शाहजहांपुर के विजय यादव, उनकी पत्नी नीरज यादव को भी सहअभियुक्त बनाया गया है। मौके से पुलिस ने लड़की के दादा रामकुमार को गिरफ्तार कर लिया है, बाकी सभी फरार बताए गए हैं। आगे तफ्तीश में सारी सच्चाई सामने आएगी।
रेखा ने पुलिस को बताया कि उन्हें रात को किसी ने बेटी की हत्या और उसे स्कूल में जलाए जाने की खबर फोन से दी। उसने तुरंत मनोज को फोन मिलाकर शालिनी के बारे में पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को खबर दी। कोतवाली प्रभारी रेखा के साथ फोर्स लेकर कॉलेज पहुंचे तो मेन गेट का ताला अंदर से बंद था। आवाज देने के बाद भी ताला नहीं खुला तो पुलिस ताला तोड़कर अंदर पहुंची। कॉलेज के पास शिवानी की चिता जल रही थी।
पुलिस ने चिता को बुझाकर शव को कब्जे में ले लिया। जब तक पुलिस पहुंची मनोज वहां से भाग चुका था। मनोज उग्र स्वभाव का है। रेखा के साथ मारपीट और कातिलाना हमले के आरोप में वह जेल जा चुका है और जमानत पर रिहा हो गया था। रेखा शिक्षिका हैं और पति से विवाद के बाद शाहजहांपुर शहर के एक स्कूल में पढ़ा रही हैं और वहीं रहती हैं।
विसरा किया गया प्रिजर्व
पोस्टमार्टम के लिए शालिनी के पेट और आसपास के हिस्से का थोड़ा सा मांस ही लोथड़े के रूप में भेजा गया। लाश का ज्यादातर हिस्सा जल चुका था। शालिनी की मौत की पुष्टि के लिए इन्हीं लोथड़ों से बमुश्किल विसरा निकाला गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चल पाएगी।
मनोज ने अपनी पत्नी रेखा को छोड़कर दूसरी महिला को अपने साथ रख रखा था। बेटी बड़ी हो रही थी, इसलिए उसने अपने पिता या महिला से अपनी मां के समर्थन में कुछ कहा होगा। संभव है कि इसी के चलते महिला ने या पिता ने शालिनी को जहर दिया हो। यही वजह रही कि उन दोनों में से किसी ने शालिनी की मौत के बारे में न तो पुलिस को सूचना दी और न ही शालिनी की मां को। रेखा की ओर से लगाए गए आरोपों में काफी हद तक सत्यता नजर आ रही है। - केबी सिंह, पुलिस अधीक्षक