सब कुछ ठीक रहा तो मेरठ जोन में क्राइम और अपराधियों पर काबू पाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके लिए बुधवार को जोन के सभी नौ जिलों के सर्विलांस प्रभारियों एवं सर्विलांस सेल में तैनात सिपाहियों को क्राइम मैपिंग की ट्रेनिंग दिलाई गई।
आईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि ट्रेनिंग में उन्हें गूगल मैप द्वारा ट्रैकिंग करने के बारे में प्रशिक्षित कराया गया। ट्रेनिंग आगरा और अलीगढ़ से आए एक्सपर्ट के माध्यम से शुरू कराई गई।
उन्होंने बताया कि अभी तक लंदन में ही इस तरह की प्रणाली का उपयोग किया जाता है। चार महीने पहले इसको आगरा में लागू किया गया।
पूर्वांचल के गाजीपुर में भी इसकी शुरूआत की गई। वहां की सफलता के बाद मेरठ जोन के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है।
गूगल मैप पर ऐसे स्थानों को प्वाइंट आउट किया जाएगा, जहां दंगे, लूट, चोरी की वारदातें ज्यादा होती हैं।
वारदात होने के दो घंटे के भीतर इस मैप पर वारदात का ब्यौरा होगा। इसके आसपास के अपराधियों का ब्यौरा भी इस पर होगा।