चित्रकूट। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे ग्रामोदय महोत्सव में ग्रामोदय व्याख्यान, नारी सशक्तिकरण, संगोष्ठी, खेल, बौद्धिक, ललित कला, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।
ग्रामोदय व्याख्यान माला में दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि भारतरत्न राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख ने ग्रामोदय की भावना को आत्मसात कर ग्रामोदय मॉडल को खड़ा किया था। चित्रकूट सहित देश के अनेक हिस्सों में इसके अनुरूप प्रभावी काम चल रहे हैं। स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत विचार प्रमुख राकेश तिवारी ने ग्रामोदय और ग्रामोत्थान के लिए स्वदेशी विचार कोक्रांति लाने वाला बताते हुए कहा कि गांव में रहने वाले लोग जब प्रफुल्लित होंगे तभी वास्तविक ग्रामोत्थान होगा। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भरत मिश्रा, प्रो. आई पी त्रिपाठी, प्रो. नंदलाल मिश्रा व डॉ. ललित कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
चित्रकूट। नारी सशक्तिकरण संगोष्ठी का विषय वर्तमान परिदृश्य में नारी शक्ति था। डॉ. क्रांति मिश्रा ने व्याख्यान दिया। इस मौके पर डॉ. छाया श्रीवास्तव, डॉ. अर्चना चतुर्वेदी, अर्चना सिंह, अनीता शुक्ला, डॉ. वंदना पाठक, सपना वर्मा, अंजलि सोनी, सुस्मिता सेन आदि ने अपने विचार रखे।
चित्रकूट। हिंदी भवन में डॉ. राम मूर्ति त्रिपाठी के संयोजन में बौद्धिक प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें भाषण हुए। 13 प्रतिभागियों ने सहभागिता कर अपने विचार व्यक्त किए। खेल परिसर में डॉ. विनोद कुमार सिंह के संयोजन में खेल प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। विवेकानंद सभागार में डॉ. आर के पांडेय के संयोजकत्व में नृत्य, गायन व वादन की रंगारंग सांस्कृतिक प्रतियोगिता संपन्न हुई। व्यवसायिक कला विभाग भवन में डॉ. प्रसन्न पाटकर के संयोजकत्व में संपन्न ललित कला प्रतियोगिता के अंतर्गत पेंटिंग, फोटो ग्राफी, रंगोली प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।