चित्रकूट/सरधुवा। मौरंग घाट में साझेदारी के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में पुलिस ने एक मौरंग कारोबारी के खिलाफ सरधुवा थाना में प्राथमिकी दर्ज की है। उस पर दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला करीब पांच साल पुराना है और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। मऊ निवासी राघवेंद्र सिंह और लखनऊ निवासी प्रदीप यादव ने यह शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि सरधुवा थाना क्षेत्र में यमुना नदी पर धौरहरा खादर में मौरंग खनन का पट्टा वर्ष 2021 में अयान इंफ्रा डेवलपर्स फर्म, लखनऊ के संचालक राघवेंद्र दुबे को आवंटित हुआ था। दुबे ने उन्हें पट्टे के संचालन में भागीदार बनाने और 19 फीसदी रकम देने का वादा किया था। इसके बदले में राघवेंद्र सिंह ने घाट पर रास्ता, कैंप कार्यालय और धर्मकांटा जैसे कार्यों पर 1 करोड़ 59 लाख 34 हजार 760 रुपये खर्च किए। उन्होंने दुबे की फर्म में अपनी फर्म के चेक से 1 करोड़ 1 लाख रुपये भी जमा कराए। इसी तरह प्रदीप यादव ने भी इन्हीं कार्यों पर 1 करोड़ 30 लाख 27 हजार 260 रुपये खर्च किए और दुबे की फर्म के खाते में 1 करोड़ 7 लाख रुपये भेजे। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2024 में दुबे ने रुपये देने से साफ इन्कार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने लगातार शिकायतें कीं। थाना प्रभारी शिव आसरे ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद शिकायत के आधार पर दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन प्राथमिकियों में मौरंग कारोबारी राघवेंद्र दुबे को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।