चित्रकूट। कोषागार में हुए 43 करोड़ के घोटाले में जनपद में पांच हजार से ज्यादा पेंशनरों की पेंशन रोकने पर कोषागार विभाग ने सफाई दी। कहा कि घोटाले के बाद निदेशालय ने डिजिटल सिस्टम लॉक किया था, जांच दायरे को छोड़कर अन्य को सामान्य किया जा रहा है। विभाग ने दावा है कि जिन पेंशनरों ने जीवित प्रमाणपत्र दे दिया है। उनके कागजात जांचने के बाद लगभग दो हजार की पेंशन उनके खाते में जारी कर दी गई है।कोषागार विभाग के वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि घोटाले में नामजद 93 पेंशनरों के अलावा किसी अन्य की पेंशन रोकी नहीं गई है। उन्होंने बताया कि डिजिटल पेमेंट एप का नियंत्रण निदेशालय से किया गया है। जिसे अब सामान्य कर दिया गया है। जिन दो हजार पेंशनरों का सत्यापन शुरू हो गया है, उनकी पेंशन भेजने का काम शुरू हो चुका है। जांच दायरे के अलावा अन्य किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। जीवित प्रमाणपत्र इस माह के अंत तक भी प्रस्तुत कर सकते हैं। (संवाद)