चित्रकूट। अवर अभियंता को पीटने के मामले में दोष सिद्ध होने पर जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने आरोपी को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 20,500 रुपये अर्थदंड भी किया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि हरदोई जिले के पकड़ी गांव निवासी सेवाराम ने कर्वी कोतवाली में 10 जनवरी 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निगम में अवर अभियंता के तौर पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण करने गए थे।
जहां दोपहर के वक्त गनेश विश्वकर्मा, माताप्रसाद व उनके रिश्तेदारों अशोक व जय सिंह ने छत पर आकर पीटना शुरू कर दिया। जिससे वह घायल हो गए। उनकी गुहार पर मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी जान बचाई। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
जिसमें आरोपी माता प्रसाद उर्फ मातादीन तो न्यायालय में उपस्थित हुआ पुर अन्य आरोपी गनेश, जय सिंह, अशोक कुमार आदि अब तक फरार चल रहे हैं। इसके चलते मातादीन की पत्रावली अलग कर दी गई थी।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी मातादीन को तीन वर्ष सश्रम कारावास और 20,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।