चित्रकूट। भरतकूप कस्बे से लाइसेंसी बंदूक, कारतूस और नकदी चोरी करने वाले तीन चोरों को पुलिस ने दबोच लिया है। इनका सरगना अन्य मामले में अदालत में आत्मसमर्पण कर पहले ही जेल में है। पकड़े गये चोरों में एक नाबालिग है। इनके कब्जे से बंदूक कारतूस और नकदी बरामद हुई है।
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि 13 जुलाई को भरतकूप के विकास नगर निवासी श्यामलाल के घर से चोरों ने 70 हजार रुपये के साथ लाइसेंसी बंदूक और 11 कारतूस चोरी कर लिए थे। खुलासे में जुटी पुलिस के साथ एसओजी टीम ने तथ्य जुटाए तो पता चला कि एक संदिग्ध राजेश उर्फ थोपू ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है। वह किसी अन्य मामले में जेल गया। शक पुख्ता होने पर पुलिस ने उसके तीन अन्य साथी कमासिन बांदा निवासी अतीक उल्ला उर्फ अब्दुल, कर्वी पुरानी बाजार निवासी देव रैकवार व सभापुर गांव के एक नाबालिग को पकड़ा। तीनों गुरुवार को बंदूक व कारतूस बेचने बांदा की ओर जा रहे थे।
तीनों ने स्वीकार किया कि मास्टर माइंड राजेश उर्फ थोपू के साथ मिलकर चोरी की थी। चोरी के बाद नकदी बांट लिया था। इसके बाद मोबाइल जंगल में छिपा दिया। थोपू के जेल जाने के बाद मामला शांत होने की उम्मीद में बंदूक और कारतूस बेचने जा रहे थे तभी पुलिस ने पकड़ लिया है। एसपी ने बताया कि इसमें देव रैकवार के खिलाफ तीन अन्य मामले दर्ज हैं। थोपू पर भी कई मामले दर्ज हैं। गैंग का एक दस्सा नामक चोर है जो पहले से जेल में है। इनका बंदूक चोरी का मकसद किसी गैंग या बदमाश को पहुंचाना नहीं बल्कि बेचकर रकम लेना था।